भारत में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ऐलान किया है कि मारुति सुजुकी इस साल विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2026) के मौके पर 4 जून को दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में अपनी फ्लेक्स-फ्यूल सक्षम कार पेश करेगी।
यह भारत की पहली ऐसी 4-व्हीलर हो सकती है जो E100 (100% एथेनॉल) तक के फ्यूल ब्लेंड पर चलने में सक्षम होगी। अगर ऐसा होता है तो यह भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
क्या है Flex Fuel Vehicle?
फ्लेक्स-फ्यूल वाहन ऐसे इंजन से लैस होते हैं जो पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रणों पर चल सकते हैं। उदाहरण के लिए:
E20– 20% एथेनॉल + 80% पेट्रोल
E85– 85% एथेनॉल + 15% पेट्रोल
E100– 100% एथेनॉल
E100 पर चलने वाली कारों में विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए फ्यूल स्टोरेज सिस्टम, फ्यूल डिलीवरी सिस्टम, इग्निशन सिस्टम और इंजन कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है ताकि एथेनॉल की उच्च नमी अवशोषण क्षमता से वाहन प्रभावित न हो।
क्या Maruti Fronx Flex Fuel होगा लॉन्च?
कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी अपनी लोकप्रिय एसयूवी कूप मारुति सुजुकी फ्रोंक्स का फ्लेक्स-फ्यूल वर्जन पेश कर सकती है। दरअसल, पिछले साल जापान मोबिलिटी शो 2025 में सुजुकी ने फ्रोंक्स फ्लेक्स फ्यूल कॉन्सेप्ट को शोकेस किया था। हालांकि वह मॉडल E85 तक के फ्यूल ब्लेंड पर चलने में सक्षम था।
ऐसे में संभावना है कि कंपनी या तो फ्रोंक्स के अपग्रेडेड E100 वर्जन को पेश करेगी या या किसी बिल्कुल नए मॉडल को लॉन्च करेगी।
क्यों खास है E100 Flex Fuel कार?
E100 फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी भारत के लिए कई मायनों में अहम है, जिसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।
पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी क्योंकि भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 87% कच्चा तेल आयात करता है।
सस्ता ईंधन विकल्प- एथेनॉल पेट्रोल की तुलना में अधिक किफायती साबित हो सकता है।
प्रदूषण में कमी- एथेनॉल आधारित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम होता है।
किसानों को फायदा-एथेनॉल उत्पादन गन्ना और अन्य कृषि आधारित स्रोतों से होता है।
नितिन गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी ने कहा कि भारत को स्वदेशी, सस्ता और प्रदूषण-मुक्त ईंधन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने बताया कि, 12 कंपनियां पहले ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहन प्रदर्शित कर चुकी हैं, जिसमें टोयोटा, टाटा मोटर्स, महिंद्रा और सुजुकी शामिल हैं।
फ्लेक्स-फ्यूल 2-व्हीलर भी बाजार में आने लगे हैं और भारत का एथेनॉल रोडमैप तैयार कर चुकी है, जिसमें भारत सरकार पहले ही E20 पेट्रोल को स्टैंडर्डाइज कर चुकी है। इसके लिए बीआईएस ने E22, E25, E27 और E30 फ्यूल स्पेसिफिकेशन जारी किए हैं।
