महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में प्रदूषण कम करने और वाहन बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। राज्य के बजट 2026 पेश करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घोषणा की कि बीएस4 और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले वाहनों पर पर्यावरण (ग्रीन) टैक्स में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रदूषण फैलाने वाले और ईंधन की अधिक खपत करने वाले पुराने वाहनों को सड़कों से हटाना और लोगों को नए, कम प्रदूषण वाले वाहनों की ओर प्रोत्साहित करना है।
दोपहिया और कारों पर बढ़ेगा ग्रीन टैक्स
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार तीन श्रेणियों के वाहनों पर ग्रीन टैक्स बढ़ाया जाएगा, जो इस प्रकार है।
दोपहिया वाहन: 2,000 रुपये से बढ़ाकर 4,000 रुपये
पेट्रोल लाइट मोटर व्हीकल (LMV): 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये
डीजल लाइट मोटर व्हीकल (LMV): 3,500 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये
इस तरह वाहन की श्रेणी के अनुसार ग्रीन टैक्स में अधिकतम 7,000 रुपये तक का भुगतान करना पड़ सकता है।
15 साल से पुराने वाहनों पर लागू होता है टैक्स
महाराष्ट्र में पहले से ही 15 साल से अधिक पुराने वाहनों पर ग्रीन टैक्स लगाया जाता है। अब सरकार ने इस टैक्स को बढ़ाने के साथ-साथ इसके पालन को भी सख्ती से लागू करने का फैसला किया है।
अधिकारियों के अनुसार, आगे से यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी जांच की जाएगी कि पुराने वाहनों ने ग्रीन टैक्स का भुगतान किया है या नहीं और उनके पास वैध फिटनेस सर्टिफिकेट है या नहीं।
पुराने वाहन स्क्रैप कराने पर मिलेगी टैक्स छूट
सरकार ने टैक्स बढ़ाने के साथ ही वाहन मालिकों को प्रोत्साहन देने की भी योजना बनाई है। अगर कोई वाहन मालिक अपना पुराना वाहन स्क्रैप कराकर नया वाहन खरीदता है तो उसे मोटर व्हीकल टैक्स में छूट दी जाएगी।
BS4 या उससे बेहतर वाहन स्क्रैप करने पर: 16% टैक्स छूट
BS3 या उससे पुराने वाहन स्क्रैप करने पर: 30% तक टैक्स छूट
इससे लोगों को पुराने वाहनों को हटाकर नए और कम प्रदूषण वाले वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्रदूषण कम करने की दिशा में कदम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट भाषण में कहा कि यह कदम प्रदूषण कम करने, ईंधन दक्षता बढ़ाने और राज्य में वाहनों के बेड़े को आधुनिक बनाने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार का मानना है कि पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने से राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
