मध्य प्रदेश में इंदौर के ब्रिजेश्वरी एनेक्स इलाके में बुधवार तड़के एक भीषण आग ने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। इस हादसे में 12 साल की बच्ची समेत कुल 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 4 बजे एक तीन मंजिला मकान में आग लगी, जो तेजी से फैल गई और कई लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।

EV चार्जिंग से जुड़ा हो सकता है हादसा

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत घर के बाहर खड़े एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से हुई। आशंका है कि चार्जिंग पॉइंट पर हुए ब्लास्ट के बाद आग तेजी से फैली।

मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ, जिसके कारण घर में रखे करीब 10 LPG सिलेंडर भी फट गए और इससे 2–3 बड़े धमाके सुनाई दिए। इन गैस सिलेंडर विस्फोटों ने आग को और भयानक बना दिया।

इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने मौत की वजह

इस हादसे में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग में इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम लगा था और आग के दौरान बिजली चली गई, जिससे लॉक सिस्टम काम नहीं कर पाया और लोग घर के अंदर ही फंस गए, बस यही कारण रहा कि कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके।

दम घुटने से हुई मौत

रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला, लेकिन 6 लोग बेहोशी की हालत में मिले, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण धुएं से दम घुटना बताया गया।

प्रशासन हरकत में, SOP बनाने के निर्देश

घटना के बाद राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है, जिसके बाद एमपी सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके का दौरा कर इसे EV युग के लिए चेतावनी बताया।

उन्होंने कहा, ईवी चार्जिंग के लिए सख्त नियम बनाए जाएंगे और एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की जाएगी और जल्द मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाएगी

ईवी चार्जिंग के दौरान क्यों फटती हैं बैटरी ?

इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी फटना एक गंभीर लेकिन समझने योग्य तकनीकी समस्या है। ज्यादातर मामलों में इसका कारण थर्मल रनअवे होता है, जिसमें बैटरी का तापमान तेजी से बढ़कर विस्फोट या आग का कारण बन जाता है, जिसके तमाम कारण नीचे दिए गए हैं।

ओवरचार्जिंग

जब बैटरी को उसकी क्षमता से ज्यादा चार्ज किया जाता है, तो बैटरी गर्म होने लगती है और उसके अंदर के केमिकल अस्थिर हो जाते हैं, जिससे इससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है।

खराब या लोकल चार्जर का इस्तेमाल

अनब्रांडेड या सस्ते चार्जर वोल्टेज को सही कंट्रोल नहीं करते क्योंकि इससे बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और शॉर्ट सर्किट या स्पार्क से आग लग सकती है।

ज्यादा गर्मी या ओवरहीटिंग

लगातार चार्जिंग या गर्म मौसम में बैटरी का तापमान बढ़ जाता है, जिससे कूलिंग सिस्टम फेल होने पर खतरा और बढ़ जाता है और यहीं से यही थर्मल रनअवे की शुरुआत होती है।

वायरिंग या कनेक्शन में खराबी

ढीले तार या खराब कनेक्शन स्पार्क पैदा कर सकते हैं, इससे चार्जिंग पॉइंट पर आग लग सकती है

बैटरी में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट

कुछ बैटरियों में पहले से ही अंदरूनी खराबी होती है, जो चार्जिंग के दौरान यह समस्या अचानक विस्फोट में बदल सकती है।

डैमेज या पुरानी बैटरी

गिरने, टक्कर या लंबे समय तक इस्तेमाल से बैटरी कमजोर हो जाती है, जो चार्जिंग के दौरान आग लगने का जोखिम ज्यादा पैदा करती है।

ज्वलनशील चीजों के पास चार्जिंग

पेट्रोल, LPG सिलेंडर या केमिकल के पास चार्जिंग रखना एक बहुत बड़ा खतरा होता है, जो छोटी सी स्पार्क भी बड़े ब्लास्ट में बदल सकती है और अब तक हुए कई हादसों में एक बड़ा कारण ये भी सामने आया है।

ओवरलोडेड इलेक्ट्रिक सिस्टम

घर की वायरिंग EV लोड के लिए डिजाइन नहीं होती, जिसके चलते शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ता है।

सबसे बड़ा कारण: थर्मल रनअवे

जब बैटरी का तापमान कंट्रोल से बाहर हो जाता है, तो केमिकल रिएक्शन तेजी से बढ़ते हैं और बैटरी खुद ही और गर्म होती जाती है और अंत में आग या विस्फोट हो सकता है।

EV Charging Safety Tips: हादसे से कैसे बचें

ईवी चार्जिंग के लिए क्या करें

हमेशा प्रमाणित चार्जर का ही इस्तेमाल करें

चार्जिंग पॉइंट को खुले और हवादार स्थान पर रखें

बैटरी और वायरिंग की नियमित जांच कराएं

ओवरचार्जिंग से बचने के लिए ऑटो कट सिस्टम का उपयोग करें

चार्जिंग के दौरान आसपास ज्वलनशील चीजें न रखें

घर में फायर एक्सटिंग्विशर जरूर रखें

ईवी चार्जिंग के वक्त क्या न करें

लोकल या सस्ते अनब्रांडेड चार्जर का उपयोग न करें

रातभर बिना निगरानी के चार्जिंग न छोड़ें

चार्जिंग के पास LPG सिलेंडर या केमिकल स्टोर न करें

गीले हाथों से चार्जिंग उपकरण को न छुएं

खराब बैटरी या डैमेज वायरिंग के साथ EV चार्ज न करें

ईवी चार्जिंग के लिए क्यों जरूरी है सख्त नियम?

भारत में तेजी से बढ़ते EV इस्तेमाल के साथ ऐसे हादसों का खतरा भी बढ़ रहा है, जिसके लिए रेजिडेंशियल एरिया में सेफ्टी स्टैंडर्ड की कमी, अनियमित चार्जिंग सेटअप और बैटरी से जुड़े जोखिम शामिल हैं। इन सभी कारणों से EV चार्जिंग को रेगुलेट करना बेहद जरूरी हो गया है।

Jansatta Automobile Expert Conclusion

इंदौर का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक बड़ा सबक है। EV का इस्तेमाल जितना फायदेमंद है, उतना ही जरूरी है उसकी सुरक्षित हैंडलिंग। सही नियम, जागरूकता और सावधानी से ही ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।