दिल्ली में इलेक्ट्रिक और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कार खरीदने वालों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। दिल्ली सरकार अपनी नई EV Policy 2.0 लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक कारों के साथ-साथ स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वाहनों पर भी रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट देने का प्रस्ताव है। सूत्रों के अनुसार, इस नई नीति की घोषणा अगले हफ्ते शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में की जा सकती है।
20 लाख तक की गाड़ियों को मिल सकता है फायदा
सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, नई नीति में 20 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड (HEV) और प्लग-इन हाइब्रिड (PHEV) गाड़ियों को शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो दिल्ली में इन वाहनों की कीमत काफी कम हो सकती है, क्योंकि अभी इन पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस का खर्च जुड़ जाता है।
दिल्ली सरकार का क्या है प्लान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि नई ईवी नीति दिल्ली के ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव लाएगी। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे वित्त वर्ष 2026-27 से लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “हम बजट सत्र में EV नीति की घोषणा करेंगे। सभी स्टेकहोल्डर्स से बातचीत की जा रही है और यह नीति दिल्ली के परिवहन को बदलने वाली होगी।”
महिलाओं को मिल सकती है अतिरिक्त सब्सिडी
नई नीति में महिलाओं के लिए भी खास प्रोत्साहन का प्रस्ताव है, जिसमें दिल्ली की 10,000 महिला निवासी जिनके पास वैलिड ड्राइविंग लाइसेंस होगा उन्हे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने पर 12 हजार रुपये प्रति kWh तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है, जो अधिकतम 36,000 रुपये तक हो सकती है।
कुछ इलाकों में सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की योजना
दिल्ली सरकार कुछ क्षेत्रों को स्पेशल मोबिलिटी जोन घोषित करने पर भी विचार कर रही है। अगर यह लागू होता है, तो इन इलाकों में केवल केवल इलेक्ट्रिक वाहन चलाने की अनुमति होगी। ये स्पेशल जोन पर्यटन स्थलों, अस्पतालों और हेरिटेज साइट्स के आसपास हो सकते हैं। दिल्ली सरकार के स्पेशल मोबिलिटी जोन का उद्देश्य वायु और ध्वनि प्रदूषण कम करना है।
माल ढुलाई वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को भी मिलेगी राहत
दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी 2.0 में हल्के इलेक्ट्रिक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी फायदा देने का प्रस्ताव है, जिसमें N1 वाहन (3.5 टन तक के लाइट गुड्स व्हीकल) और LN वाहन (तीन पहिया माल वाहक) शामिल हैं। इसके अलावा इन इलेक्ट्रिक वाहनों को नो-एंट्री टाइम और पार्किंग प्रतिबंध से छूट देने पर विचार किया जा रहा है।
EV इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी जोर
दिल्ली सरकार केवल वाहन खरीद पर सब्सिडी ही नहीं बल्कि चार्जिंग और बैटरी स्वैपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मजबूत करने की योजना बना रही है। इसके लिए ऑटोमोबाइल कंपनियों और OEMs से बातचीत की जा रही है ताकि शहर में चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा सके।
विशेषज्ञों की अलग राय
ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञ अनिल छिकारा का कहना है कि सरकार को केवल निजी वाहनों पर सब्सिडी देने के बजाय चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और प्रदूषण पर भी बेहतर नियंत्रण हो सकेगा।
मौजूदा ईवी नीति इसी महीने खत्म
दिल्ली की वर्तमान ईवी नीति अगस्त 2020 में लागू हुई थी, जिसे कई बार समाप्त होने से पहले आगे बढ़ाया जा चुका है, जो इस महीने यानी मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है। दिल्ली सरकार नई ईवी पॉलिसी 2.0 इसी की जगह लेगी और राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नए प्रोत्साहन लेकर आएगी।
