केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भारत में E100 फ्यूल के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने वाले नियमों को स्वीकृति दे दी है। इस फैसले के साथ देश में 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए रास्ता साफ हो गया है।
गडकरी ने नागपुर में आयोजित चीनी, इथेनॉल और बायो-एनर्जी इंडिया सम्मेलन के दौरान कहा कि उन्होंने E100 फ्यूल को कानूनी रूप से मान्यता देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह कदम भारत के मौजूदा E20 कार्यक्रम से आगे बढ़कर एथेनॉल को प्रमुख ईंधन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है E100 फ्यूल?
E100 नाम सुनने में 100 प्रतिशत एथेनॉल जैसा लगता है, लेकिन वास्तव में इसमें लगभग 93 से 95 प्रतिशत एथेनॉल होता है। बाकी हिस्सा पेट्रोल और कुछ विशेष एडिटिव्स का होता है, जो इंजन स्टार्ट करने और ईंधन की स्थिरता बनाए रखने में मदद करते हैं।
Flex-Fuel Vehicles जल्द सड़कों पर आएंगे नजर
हाल ही में मारुति सुजुकी ने फ्लेक्स-फ्यूल वैगनआर का प्रदर्शन किया था, जबकि हीरो मोटोकॉर्प भी एथेनॉल आधारित मोटरसाइकिलें पेश कर चुकी है। नितिन गडकरी के अनुसार, आने वाले डेढ़ महीने के भीतर टोयोटा, सुजुकी, हुंडई और एमजी भी E100-संगत वाहन बाजार में उतार सकती हैं।
क्या मौजूदा E20 वाहन E100 पर चल सकेंगे?
वर्तमान में ई20 पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए वाहन सीधे ई100 फ्यूल पर नहीं चल सकते क्योंकि ई100 के लिए इंजन कैलिब्रेशन, फ्यूल इंजेक्शन सिस्टम, पाइपलाइन और अन्य कई कंपोनेंट्स में विशेष बदलाव की आवश्यकता होती है। इसी वजह से ई100 के लिए अलग फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की जरूरत होगी।
E100 फ्यूल के सामने क्या हैं चुनौतियां?
ई100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलने के बावजूद इसके व्यापक उपयोग में कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, जो इस प्रकार हैं।
देशभर में E100 फ्यूल पंप और डिस्पेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा।
तेल विपणन कंपनियों को स्टोरेज और सप्लाई नेटवर्क अपग्रेड करना पड़ेगा।
फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की कीमत शुरुआती दौर में अधिक हो सकती है।
एथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में ऊर्जा घनत्व कम होता है, जिससे माइलेज प्रभावित हो सकता है।
E100 फ्यूल से क्या होंगे फायदे?
विशेषज्ञों के अनुसार E100 फ्यूल के उपयोग से कई लाभ मिल सकते हैं:
कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी।
किसानों और चीनी उद्योग को फायदा मिलेगा।
घरेलू स्तर पर उत्पादित जैव ईंधन (Biofuel) को बढ़ावा मिलेगा।
कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में मदद मिल सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
Jansatta Auto Expert Conclusion
भारत में E100 फ्यूल को कानूनी मंजूरी मिलना वैकल्पिक ईंधनों की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए वाहन निर्माताओं, तेल कंपनियों और सरकार को मिलकर ईंधन आपूर्ति नेटवर्क और वाहन उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। आने वाले महीनों में ई100 आधारित फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की लॉन्चिंग से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
