दिल्ली सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिसमें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े फैसले प्रस्तावित किए गए हैं। इस पॉलिसी के तहत 30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ करने की योजना है। यह छूट 31 मार्च 2030 तक लागू रहने का प्रस्ताव है, जिससे राजधानी में EV अपनाने की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

दिल्ली में 30 लाख तक EV पर पूरी छूट

ड्राफ्ट पॉलिसी के अनुसार, 30 लाख तक (एक्स-शोरूम) कीमत वाली EVs पर 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट और 100 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस माफ की जाएगी। मगर 30 लाख से ऊपर की EVs को कोई छूट नहीं मिलेगी। इस फैसले से खास तौर पर मास-मार्केट इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट को बड़ा फायदा मिलेगा।

किन कंपनियों को होगा फायदा

इस नीति से देश की प्रमुख EV कंपनियों को बड़ा लाभ मिल सकता है, जिसमें टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एमजी मोटर का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। इन तीनों कंपनियों का FY26 में EV मार्केट में 87 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है।

दिल्ली में हाइब्रिड कारों को भी मिलेगा फायदा

दिल्ली सरकार ने इस बार हाइब्रिड कारों को भी राहत देने का प्रस्ताव रखा है, जिसके अनुसार, 30 लाख तक की स्ट्रांग हाइब्रिड कारों पर 50 प्रतिशतरोड टैक्स छूट और 50 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन फीस छूट शामिल है। हाइब्रिड कारों पर मिलने वाली इस छूट का सबसे ज्यादा फायदा, मारुति सुजुकी ग्रांड विटारा और इनविक्टो, टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस और होंडा सिटी हाइब्रिड जैसे बड़े नामों को होगा।

दिल्ली में 2027 से बड़ा बदलाव

पॉलिसी में एक बड़ा फैसला यह भी है कि, 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही रजिस्टर होंगे, इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी तेजी से इलेक्ट्रिफिकेशन होगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने इस ड्राफ्ट पॉलिसी पर 30 दिनों तक पब्लिक फीडबैक आमंत्रित किया है। इसके बाद अंतिम पॉलिसी लागू की जाएगी।

Jansatta Automobile Expert conclusion

दिल्ली EV पॉलिसी 2026 एक बैलेंस्ड अप्रोच दिखाती है, जिसमें EV को प्राथमिकता दी गई है, लेकिन हाइब्रिड को भी आंशिक राहत दी गई है। यह नीति आने वाले समय में वाहन खरीदने के ट्रेंड को बदल सकती है, खासकर मिड-रेंज कार सेगमेंट में।