राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण पर लगाम लगाने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने नई दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026-2030 को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी नीति को मंजूरी दी गई, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगी। इस नीति के तहत अगले चार वर्षों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
नई ईवी पॉलिसी के तहत दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी, रोड टैक्स में छूट, पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग पर इंसेंटिव और पेट्रोल-डीजल वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर चरणबद्ध प्रतिबंध जैसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा
दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2026 लागू करने के मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “ये EV पॉलिसी बहुत शानदार तरीके से दिल्ली के प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी। दिल्ली की परिवहन व्यवस्था को और अच्छे तरीके से दुरुस्त करेगी, दिल्ली समार्ट सिटी के रुप में इसमें परिवर्तित हो पाएगी”
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 की प्रमुख बातें
नई पेट्रोल और CNG दोपहिया गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बंद: दिल्ली सरकार ने फैसला किया है कि 1 अप्रैल 2028 से नई पेट्रोल और CNG दोपहिया वाहनों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। इसके बाद राजधानी में केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए पात्र होंगे।
2027 से केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन: सरकार ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2027 से दिल्ली में केवल इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा (L5 श्रेणी) का ही नया रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। CNG ऑटो के नए परमिट और रजिस्ट्रेशन बंद हो जाएंगे।
कैब और डिलीवरी कंपनियों को भी अपनानी होगी ईवी: नई नीति के तहत ओला, उबर, जोमैटो, स्विगी और अन्य एग्रीगेटर एवं डिलीवरी कंपनियां अब अपने बेड़े में नए पेट्रोल और डीजल वाहन शामिल नहीं कर सकेंगी। उन्हें चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना होगा।
EV खरीदने पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?
दिल्ली सरकार पहले वर्ष में इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर 10,000 प्रति kWh की दर से अधिकतम 30,000 तक की सब्सिडी देगी। यह लाभ उन वाहनों पर मिलेगा जिनकी कीमत 2.25 लाख तक होगी।
| वर्ष | अधिकतम सब्सिडी |
| पहला वर्ष | 30,000 |
| दूसरा वर्ष | 20,000 |
| तीसरा वर्ष | 10,000 |
इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा
| वर्ष | प्रोत्साहन राशि |
| पहला वर्ष | 50,000 |
| दूसरा वर्ष | 40,000 |
| तीसरा वर्ष | 30,000 |
इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहन (ई-ट्रक)
| वर्ष | प्रोत्साहन राशि |
| पहला वर्ष | 1,00,000 |
| दूसरा वर्ष | 75,000 |
| तीसरा वर्ष | 50,000 |
पुराने वाहन स्क्रैप करने पर मिलेगा अतिरिक्त फायदा
दिल्ली सरकार ने पुराने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव का भी प्रावधान किया है, जिसकी डिटेल इस प्रकार है।
| वाहन का प्रकार | मिलने वाला लाभ |
| पुराने BS-IV या उससे पुराने दोपहिया वाहन स्क्रैप करने पर | 10,000 रुपये |
| पुराने तीनपहिया वाहन स्क्रैप करने पर | 25,000 रुपये |
| पुराने वाहन स्क्रैप कर नई EV खरीदने पर | 1 लाख तक |
| पुराने मालवाहक वाहन स्क्रैप करने पर | 50,000 हजार तक |
रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में बड़ी राहत
नई EV नीति के तहत, दिल्ली में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को 100% रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट मिलेगी। 30 लाख तक की कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को यह पूरा लाभ मिलेगा। वहीं, 30 लाख तक की मजबूत हाइब्रिड (Strong Hybrid) कारों को 50% रोड टैक्स छूट प्रदान की जाएगी।
सरकार का लक्ष्य क्या है?
दिल्ली सरकार का लक्ष्य 2030 तक राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को तेजी से बढ़ाना और प्रदूषण के स्तर को कम करना है। इसके लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
इस पॉलिसी के तहत सरकारी विभागों में नई खरीदी जाने वाली गाड़ियां केवल इलेक्ट्रिक होंगी और स्कूल बसों और सार्वजनिक परिवहन में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
क्या पहले से चल रहे पेट्रोल-डीजल वाहन बंद होंगे?
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नीति केवल नए रजिस्ट्रेशन पर लागू होगी। पहले से रजिस्टर्ड पेट्रोल, डीजल और CNG वाहन अपने मौजूदा नियमों के अनुसार चलते रहेंगे।
