दिवाली और धनतेरस के आसपास कार खरीदना भारतीय ग्राहकों के लिए बड़ा फैसला होता है। इस दौरान कंपनियां और डीलर कई तरह के कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज बोनस, स्क्रैपेज बेनिफिट, लॉयल्टी ऑफर और फ्री एक्सेसरीज देते हैं। 2026 के फेस्टिव सीजन में कार निर्माता अपनी कारों पर आकर्षक ऑफर्स लाखों रुपये के बेनिफिट जारी करते हैं लेकिन हर ग्राहक को एक जैसा फायदा मिले, यह जरूरी नहीं है क्योंकी अक्सर कारों पर मिलने वाले ऑफर मॉडल, वेरिएंट, शहर, स्टॉक और ग्राहक की पात्रता पर निर्भर करते हैं।

ऐसे में सिर्फ सेल्स एग्जीक्यूटिव के बताए डिस्काउंट को देखकर कार बुक करना सही तरीका नहीं है। बुकिंग या फाइनल पेमेंट से पहले डीलर से कुछ जरूरी सवाल लिखित में पूछने चाहिए। इससे कार की वास्तविक ऑन-रोड कीमत, डिस्काउंट, इंश्योरेंस, एक्सेसरीज, फाइनेंस और कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट जैसी जानकारी साफ हो जाती है।

दिवाली पर कार खरीदने से पहले डीलर से पूछें ये 10 सवाल

पहला सवाल- कार की फाइनल ऑन-रोड कीमत कितनी है?

सबसे पहला सवाल यही होना चाहिए कि सभी टैक्स और चार्ज जोड़ने के बाद कार की फाइनल ऑन-रोड कीमत कितनी पड़ेगी? सिर्फ एक्स-शोरूम कीमत या विज्ञापन में दिखाई गई शुरुआती कीमत को देखकर फैसला न करें। डीलर से लिखित कोटेशन मांगें, जिसमें अलग-अलग मद में रकम दी गई हो।

अलग-अलग डीलर से एक ही वेरिएंट का कोटेशन लेने पर वास्तविक अंतर आसानी से पता चल सकता है। फेस्टिव सीजन में भी केवल बड़े डिस्काउंट की बजाय अंतिम ऑन-रोड कीमत की तुलना करना ज्यादा उपयोगी साबित होता है।

दूसरा सवाल- कुल डिस्काउंट में कैश डिस्काउंट कितना है?

डीलर अगर कहता है कि “आपको 1 लाख रुपये का फायदा मिल रहा है”, तो तुरंत पूछें कि यह 1 लाख रुपये किन-किन ऑफर्स को जोड़कर बना है। उदाहरण के लिए कैश डिस्काउंट कितना? एक्सचेंज बोनस कितना? स्क्रैपेज बेनिफिट कितना? कॉर्पोरेट डिस्काउंट कितना? लॉयल्टी बोनस कितना? एक्सेसरीज की कीमत कितनी? और फाइनेंस ऑफर का फायदा कितना? होगा।

कई मौकों पर अधिकतम डिस्काउंट सभी ग्राहकों के लिए उपलब्ध नहीं होता। 2026 के फेस्टिव ऑफर्स में भी अलग-अलग मॉडल और पात्रता के हिसाब से कैश, एक्सचेंज, स्क्रैपेज और लॉयल्टी बेनिफिट अलग बताए जाते हैं और दिए भी जाते हैं। इसलिए कार सेल्स एग्जीक्यूटिव से सवाल करें कि “मेरे केस में मुझे मिलने वाला वास्तविक डिस्काउंट कितने रुपये का है और वह बिल में कहां एडजस्ट होगा?”

तीसरा सवाल- कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट क्या है?

यह सवाल नई कार खरीदते समय ऑन रोड कीमत की तरह ही बेहद महत्वपूर्ण है। कार खरीदने से पहले डीलर से पूछें कि, इस कार की मैन्युफैक्चरिंग मंथ और ईयर क्या है? सिर्फ यह देखकर संतुष्ट न हों कि कार नई है। कार का वीआईएन यानी व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर और उससे जुड़ी निर्माण जानकारी भी जांचें।

पीडीआई यानी प्री डिलीवरी इंस्पेक्शन के दौरान वीआईएन/चेसिस नंबर को अलॉटमेंट लेटर, इनवॉइस और कार पर दिए गए नंबर से मिलाएं क्योंकि इससे यह भी जांचने में मदद मिलती है कि आपको कौन सी कार दी जा रही है और उसका निर्माण कब हुआ था।

डीलर से बात करते हुए यह भी पूछें कि, क्या यह मौजूदा मॉडल ईयर की कार है? क्या यह पुराना स्टॉक है? पुरानी मैन्युफैक्चरिंग वाली कार पर अतिरिक्त डिस्काउंट मिलेगा?

चौथा सवाल- क्या कार का VIN नंबर पहले मिल सकता है?

अगर आप बुकिंग कर रहे हैं और कार स्टॉक में उपलब्ध है, तो डीलर से पूछ सकते हैं कि अलॉट होने वाली कार का वीआईएन नंबर यानी व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर कब शेयर किया जाएगा। वीआईएन मिलने के बाद उसकी जानकारी को कार के दस्तावेजों और डिलीवरी के समय वाहन पर दिए नंबर से मिलाएं। यह खास तौर पर तब महत्वपूर्ण है जब डीलर किसी खास रंग या वेरिएंट की उपलब्ध कार देने की बात कर रहा हो।

कार की डिलीवरी लेते समय वीआईएन/चेसिस नंबर, इंजन नंबर और इनवॉइस में दर्ज डिटेल को मैच जरूर करें।

पांचवा सवाल- इंश्योरेंस में क्या-क्या शामिल है क्या दूसरे प्लान का ऑप्शन मिलेगा ?

कार की कीमत में इंश्योरेंस का हिस्सा काफी बड़ा हो सकता है। इसलिए डीलर से सीधे पूछें कि, आपके इंश्योरेंस कोटेशन में कौन-कौन से कवर शामिल हैं और इसका प्रीमियम कितना है?

इसके साथ ही साथ ही यह भी पूछें कि आईडीवी यानी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू कितनी है? इसमें जीरो डेप्रिसिएशन शामिल है या नहीं? इंजन प्रोटेक्ट कवर है या नहीं? रोडसाइड असिस्टेंस है या नहीं ? कंज्यूमेबल्स कवर है या नहीं ? पॉलिसी की अवधि क्या है और कुल प्रीमियम कितना है?

इंश्योरेंस की कीमत को कार की पूरी ऑन-रोड डील के हिस्से के रूप में देखें और जरूरत के हिसाब से उपलब्ध विकल्पों की तुलना करें।

छठा सवाल- फ्री एक्सेसरीज में क्या मिल रहा है?

दिवाली के समय डीलर अक्सर फ्री मैट, सीट कवर, परफ्यूम, मड फ्लैप, बॉडी कवर या अन्य एक्सेसरीज का पैकेज बता सकते हैं। लेकिन आप एक स्मार्ट बायर बनें और डीलर से सवाल पूछें की इन सभी एक्सेसरीज की वास्तविक कीमत कितनी है और क्या इनके बदले कैश डिस्काउंट मिल सकता है?

डीलर से फ्री एक्सेसरीज की पूरी जानकारी लिखित में मांगे क्योंकि मौजूदा फेस्टिव ऑफर्स में फ्री एक्सेसरीज भी बेनिफिट के रूप में डिस्काउंट में जोड़ी जा रही है, इसलिए ग्राहक को यह देखना चाहिए कि उसके लिए उनकी असली कीमत कितनी है।

सातवां सवाल- पुरानी कार के बदले कितनी एक्सचेंज वैल्यू मिलेगी?

अगर आप पुरानी कार एक्सचेंज कर रहे हैं तो डीलर से केवल एक्सचेंज बोनस के बारे में पूछें बल्कि उससे पूछें कि मेरी पुरानी कार की वैल्यू कितनी लगाई गई है? एक्सचेंज बोनस कितना है?
दोनों को मिलाकर कुल लाभ कितना है? क्या अलग से स्क्रैपेज इंसेंटिव मिल सकता है? और क्या दूसरे डीलर से मिलने वाली वैल्यू से इसे मैच किया जा सकता है?

उदाहरण के लिए अगर पुरानी कार की मार्केट वैल्यू 4.5 लाख है लेकिन डीलर 4 लाख दे रहा है और 50,000 एक्सचेंज बोनस बता रहा है, तो वास्तविक गणना अलग तरीके से करनी चाहिए। इसलिए आप टोटल डील देखनी चाहिए सिर्फ बोनस नहीं।

आठवां सवाल- फाइनेंस कराने पर कुल कितनी रकम चुकानी होगी ?

कम ईएमआई देखकर कार खरीदने की गलती न करें क्योंकि ये आपकी जेब लंबे समय तक हल्की कर सकता है। कार को फाइनेंस प्लान के जरिए खरीदना चाहते हैं, तो डीलर से पूछें कि उनके बताए गए फाइनेंस प्लान में मिलने वाले लोन पर ब्याज दर कितनी लगेगी ? लोन की अवधि कितनी होगी ? डाउन पेमेंट कितना है? प्रोसेसिंग फीस कितनी है? क्या कोई अन्य चार्ज है?

नौवां सवाल- हर महीने EMI कितनी होगी? पूरी अवधि में कुल भुगतान कितना होगा?

मान लीजिए किसी कार के लिए आप 2 लाख रुपये की डाउन पेमेंट देते हैं और लोन कुल 8 लाख रुपये का है, जिसपर 9 प्रतिशत की ब्याज दर लागू होगी और इसकी अवधि 5 साल है। तो सिर्फ ईएमआई का पता करना काफी नहीं है। आपको यह भी पता होना चाहिए कि पांच साल में प्रिंसिपल अमाउंट के साथ ब्याज मिलाकर आप कुल कितना पैसा इस कार के लिए चुकाने वाले हैं।

इसलिए डीलर से कहें कि मुझे लोन की पूरी रिपेमेंट शेड्यूल और टोल पेबेल अमाउंट रीपेमेंट शेड्यूल और कुल टोटल पेबल अमाउंट लिखित में दें।

दसवां सवाल- क्या डिलीवरी से पहले पीडीआई कर सकता हूं?

पीडीआई यानी प्री डिलिवरी इंस्पेक्शन नई कार की डिलीवरी से पहले व्हीकल की जांच करने की प्रक्रिया है। इसलिए नई कार की डिलीवरी लेने से पहले डीलर से खुलकर पूछें कि मैं फाइनल पेमेंट और डिलीवरी से पहले कार की पीडीआई करना चाहता हूं, क्या मैं कर सकता हूं?

पीडीआई में बॉडी और पेंट, स्क्रैच या डेंट, सभी लाइट्स, टायर और व्हील, विंडस्क्रीन और ग्लास, सीट और डैशबोर्ड, एसी, इंफोटेनमेंट सिस्टम, कैमरा और सेंसर, इलेक्ट्रिक फीचर्स
बोनट के अंदर इंजन/बैटरी एरिया, वीआईएन और इंजन नंबर के साथ ओडोमीटर रीडिंग को जरूर चेक करें। अगर सभी चीजें सही हैं, तो ही फाइनल पेमेंट या डिलीवरी को ओके करें।

इन शर्तों को बुकिंग फॉर्म, कोटेशन या अन्य लिखित दस्तावेज में देखना बेहतर है क्योंकि डीलर डील होने के बाद कई बार अपनी कही बात से पलट जाते हैं इसलिए सिर्फ मौखिक वादे पर निर्भर न रहें और इन सभी शर्तों को पेपर पर लिखित में लें।