विकेश कुमार बडोला

विकेश कुमार बडोला के सभी पोस्ट 13 Articles

दुनिया मेरे आगे: सोने-जागने का संघर्ष

पार्क से बाहर निकला तो तेज हॉर्न बजाते वाहनों का अनावश्यक ध्वनि-प्रदूषण, कबाड़ी वालों का गला फाड़ चिल्लाना, रेहड़ी-फेरी वालों का वस्तु बिक्री गान...

सवालों के घेरे में सेवाएं

जब तक देश का एक-एक नागरिक, चाहे वह सरकारी या सरकारी-निजी भागीदारी से संचालित सार्वजनिक व्यवस्थाओं का उपभोग करने वाला व्यक्ति हो या व्यवस्थाओं...

परमाणु निरस्त्रीकरण की राह

कोरियाई प्रायद्वीप में सुख-शांति और समृद्धि लाने और परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने के लिए अगर उत्तर कोरिया पूरी तरह तैयार...

राजनीति: स्मार्ट सिटी और अतिक्रमण

बढ़ती जनसंख्या, आबादी का महानगरों व बड़े शहरों में बढ़ता केंद्रीकरण और वर्षों से चली आ रही विकास संबंधी नियोजनहीनता के कारण शहरों और...

राजनीति: नागरिकता के मानदंड

असम में अवैध प्रवासन की स्थिति में देश के विभाजन के बाद भी परिवर्तन नहीं हुआ। तत्कालीन असम सरकार के गृह एवं राजनीतिक विभाग...

अमेरिका के लिए भारत

पिछले एक-डेढ़ वर्ष में दक्षिण एशिया में अमेरिका के मार्गदर्शन और संरक्षण में शक्ति-संपन्न राष्ट्रों की जो गुटसापेक्षता आकार लेती रही है, उसका नेतृत्व...

राजनीति: मकसद से भटकता G-20

जी-20 में यूरोपीय संघ का हस्तक्षेप भी बहुत बढ़ा है। यूरोपीय संघ में शामिल देशों और यूरोपीय संघ के साथ मिल कर व्यवसाय की...

राजनीति: आतंक से निपटने की चुनौती

वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के प्रति अब जो घेराबंदी हुई या हो रही है, उसमें संयुक्त राष्ट्र का अहम देश होने के चलते चीन...

दुनिया मेरे आगेः प्रकृति की गोद में

जब एक व्यक्ति घर से बाहर निकलता है और प्रकृति की शरण में अकेला ध्यानमग्न होता है तो वह साधारण नहीं होता। वह प्रकृति...

दुनिया मेरे आगे: असुरक्षा का जाल

हाल ही में दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में भीड़ भरे बाजार में एक महिला से छेड़छाड़ का जब उसके पति और दूसरे लोगों ने...

राजनीतिः शिशु के लिए एक पहल

जिस समय एक सौ पच्चीस करोड़ की जनसंख्या वाला भारत अपनी भौगोलिक सीमाओं के विवाद में सीमांत देशों से कई तरह के शीतयुद्धों में...

असुरक्षा की सड़क पर

सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुकाबिक सहायता करने वाले व्यक्ति को किसी भी स्थिति में कानूनी दांव-पेच में नहीं उलझाया जाएगा।

स्वच्छता का समाज

यह कोई छिपी बात नहीं है कि जगह-जगह थूकने से कई तरह के रोग फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है।