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स्वाति के सभी पोस्ट

दुनिया मेरे आगे: दमन का समाज

हीरो अपनी नायिका से प्रेम तो जता रहा है, लेकिन इस परोक्ष धमकी के साथ कि अगर उसने कभी किसी और से प्रेम...

दुनिया मेरे आगे: सम्मान का परदा

किन्हीं हालात में माता-पिता या परिवार को लगता है कि बच्चों का चुनाव गलत है तो खुल कर बात की जा सकती है।

दुनिया मेरे आगेः स्त्री की छवि

कुछ साल पहले मैं प्रबंधन की पढ़ाई कर रही थी। राजस्थान के एक छोटे-से गांव में बना वह संस्थान शहरी शोर-शराबे से कोसों दूर...

दुनिया मेरे आगेः जीवन की डोर

कुछ समय पहले एक दिन जब दफ्तर पहुंची, तब सब सामान्य ही लग रहा था। लेकिन तकरीबन ग्यारह बजे एक टीम में थोड़ी अफरा-तफरी...

परिसर का परिवेश

आखिर विश्वविद्यालय तक पहुंचने वाला हर छात्र मजबूत पृष्ठभूमि से ही हो, जरूरी नहीं है। कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जो भयानक अभावों...