सुनील भट्ट

सुनील भट्ट के सभी पोस्ट 2 Articles

नन्ही दुनिया: कविता और दिमागी कसरत

बिना तेल के जलता है, पैर बिना वो चलता है, उजियारे लो बखेर कर, अंधियारे को दूर करता है- बताओ क्या हो सकता...

नन्ही दुनियाः कविता और शब्द भेद

कुछ शब्द एक जैसे लगते हैं। इस तरह उन्हें लिखने में अक्सर गड़बड़ी हो जाती है। इससे बचने के लिए आइए उनके अर्थ जानते...

ये पढ़ा क्या?
X