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शशिप्रभा तिवारी के सभी पोस्ट

नृत्योत्सव: वसंतोत्सव में गुरु-शिष्य परंपरा की बानगी

कथक नृत्यांगना सुदेशना मौलिक ने दरबारी कथक नृत्य से अपनी प्रस्तुति का आगाज किया। उन्होंने परमेलु-थर्री कू कू का प्रदर्शन किया। उन्होंने चक्रदार तिहाई...

वीरबाला के रूप में नव प्रयोग

बीरवाला में नव प्रयोग की अनंत संभावना है। यह कलाकार की प्रतिभा और रचनात्मकता को उजागर करता है।

नृत्योत्सव: जयपुर घराने का दमकता कथक

समारोह में जयपुर घराने के गुरुआचार्य गणेश हीरालाल हैसल व गुरु हीरालाल हैसल के शिष्य विनोद हैसल की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने...

असम के सत्रीय नृत्य की पारंपरिक झलक

असम का लोकप्रिय शास्त्रीय नृत्य सत्रीय नृत्य है। इसकी नींव सत्राधीश गुरु शंकर देव और उनके शिष्य माधव देव ने रखी थी। धीरे-धीरे सत्र...

कर्ण का द्वंद्व और संघर्ष

महाभारत के पात्रों को हर कलाकार अपनी तरह से सोचता है। कुछ पात्रों जैसे कृष्ण, द्रौपदी, अर्जुन, कर्ण को केंद्र में रखकर कई कलाकारों...

जनसत्ता सबरंग: अलग-अलग नृत्य शैलियों की युवा नृत्यांगनाओं ने छोड़ी छाप

शास्त्रीय नृत्य की परंपरा में गुरु नृत्य का शास्त्रीय ज्ञान के साथ तकनीकी ज्ञान देते हैं। इस गुण के वाहक नए कलाकार अथवा शिष्य...

हमारी याद आएगी: मंच पर बिखरे अग्नि के रंग

सात और चार के छंद में पिरोए गए, अग्नि के 104 नामों को भी इसमें उच्चारित किया गया था। जिसे नृत्यांगनाओं के दल ने...

नृत्य समारोह: एक शाम नर्तकों के नाम

भगवान शिव के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से नवरस की यह परिकल्पना एक नई दृष्टि और सृजनशीलता लिए हुई थी। इसमें...

इंद्र सभा नृत्य नाटिका की पेशकश

इसे पहली बार लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह ने केसर बाग के चौराहे पर पेश किया था। इस संदर्भ में, कथक नृत्यांगना उमा...

कला संस्कृति: जानकी लीला की मनभावन पेशकश

कई मैथिली गीतों-पानी बिन परल अकाल, सुनत क्रंदन इंद्र राजा, चहुं ओर मंगल हो, सीता जनम भेलई धरती मुस्काइल हो, अंगने में बाजै बधईया,...

कला और संस्कृति: शागिर्द के भाव वाला उस्ताद

समारोह में परिवार परंपरा और गुरु शिष्य परंपरा की झलक बखूबी दिखी। बिरजू महाराज ने बैठक का भाव दिखाया। भाव मुद्राओं, हस्तकों, चेहरे और...

कला संस्कृति: जन उद्धारक श्रीरामचंद्र की संपूर्ण लीला

मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र चित्रण के क्रम में बहुत सशक्त और भावपूर्ण संवादों को नीलाभ अश्क ने लिखा है।

कला संस्कृति: युवा कलाकारों की प्रस्तुतियां

युवा कथक नृत्यांगना शिवानी कई सालों से गुरु शोवना नारायण के संसर्ग में हैं। वह अपनी गुरु के साथ कई सामूहिक नृत्य प्रस्तुति कर...

नृत्य समारोह: भक्ति और शृंगार का उत्सव

महाराजा स्वाति तिरुनाल नृत्य उत्सव का आयोजन इंडिया हैबिटाट सेंटर में किया गया। इस समारोह में भरतनाट्यम नृत्य के वरिष्ठ गुरु व कलाकार जस्टिन...

शून्य से शून्य तक की यात्रा

नृत्यांगना ने ओडिशी नृत्य की तकनीकी बारीकियों को पेश करने के क्रम में विभिन्न गतियों, दृष्टि भेद, ग्रीवा भेद, सिरो भेद, हस्तकों और भंगिमाओं...

नृत्य समारोह: ‘कर्ण’ की कथा और व्यथा

इस नृत्य रचना के संदर्भ में बाला देवी ने कहा कि महाभारत कथा का हर पात्र आकर्षक है। मुझे महाभारत की कथा में पूर्णता...

नृत्य समारोह: मानवता का संदेश देता नृत्य

कमानी सभागार में आयोजित समारोह का आयोजन भारत स्थित कोलंबिया दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने किया।

नृत्य समारोह: मुद्राओं, भंगिमाओं और भावों का बेहतरीन मेल

ओडिशी नर्तक विनोद कई सालों से ओडिशी नृत्यांगना रंजना गौहर से नृत्य सीख रहे हैं। वे उनके सामूहिक प्रस्तुति में समूह नृत्य करते रहे...