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शशिप्रभा तिवारी के सभी पोस्ट

कला संस्कृति: जानकी लीला की मनभावन पेशकश

कई मैथिली गीतों-पानी बिन परल अकाल, सुनत क्रंदन इंद्र राजा, चहुं ओर मंगल हो, सीता जनम भेलई धरती मुस्काइल हो, अंगने में बाजै बधईया,...

कला और संस्कृति: शागिर्द के भाव वाला उस्ताद

समारोह में परिवार परंपरा और गुरु शिष्य परंपरा की झलक बखूबी दिखी। बिरजू महाराज ने बैठक का भाव दिखाया। भाव मुद्राओं, हस्तकों, चेहरे और...

कला संस्कृति: जन उद्धारक श्रीरामचंद्र की संपूर्ण लीला

मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र चित्रण के क्रम में बहुत सशक्त और भावपूर्ण संवादों को नीलाभ अश्क ने लिखा है।

कला संस्कृति: युवा कलाकारों की प्रस्तुतियां

युवा कथक नृत्यांगना शिवानी कई सालों से गुरु शोवना नारायण के संसर्ग में हैं। वह अपनी गुरु के साथ कई सामूहिक नृत्य प्रस्तुति कर...

नृत्य समारोह: भक्ति और शृंगार का उत्सव

महाराजा स्वाति तिरुनाल नृत्य उत्सव का आयोजन इंडिया हैबिटाट सेंटर में किया गया। इस समारोह में भरतनाट्यम नृत्य के वरिष्ठ गुरु व कलाकार जस्टिन...

शून्य से शून्य तक की यात्रा

नृत्यांगना ने ओडिशी नृत्य की तकनीकी बारीकियों को पेश करने के क्रम में विभिन्न गतियों, दृष्टि भेद, ग्रीवा भेद, सिरो भेद, हस्तकों और भंगिमाओं...

नृत्य समारोह: ‘कर्ण’ की कथा और व्यथा

इस नृत्य रचना के संदर्भ में बाला देवी ने कहा कि महाभारत कथा का हर पात्र आकर्षक है। मुझे महाभारत की कथा में पूर्णता...

नृत्य समारोह: मानवता का संदेश देता नृत्य

कमानी सभागार में आयोजित समारोह का आयोजन भारत स्थित कोलंबिया दूतावास और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ने किया।

नृत्य समारोह: मुद्राओं, भंगिमाओं और भावों का बेहतरीन मेल

ओडिशी नर्तक विनोद कई सालों से ओडिशी नृत्यांगना रंजना गौहर से नृत्य सीख रहे हैं। वे उनके सामूहिक प्रस्तुति में समूह नृत्य करते रहे...

नृत्य समारोह : कथक नृत्य की एक शाम

इंडिया हैबिटाट सेंटर में हुए समारोह में अर्पिता ने कथक नृत्य पेश किया। अर्पिता ने पारंपरिक नृत्य पक्ष को बखूबी संभाला। उन्होंने पुराने गुरुओं...

नृत्य समारोह : ‘गंगा से कावेरी’ नदियों की कथा

ओडिशी नृत्यांगना अल्पना नायक ने दिव्यांग शिष्य-शिष्याओं को ओडिशी नृत्य सिखाने का बीड़ा उठाया। 15 साल से वे इस प्रयास में जुटी हुई हैं।...

नृत्य समारोह : युवा कलाकारों के लिए बेहतरीन मंच

प्रस्तुति में आठ अंक में जीवन की निरंतरता, पांच में पंच तत्व, छह में पांच ज्ञानेंद्रियों का वर्णन कथक व समकालीन नृत्य शैली में...

नृत्य समारोह: नृत्य, स्वर, लय और ताल की नैया

नृत्य में अद्भुत रस का निरूपण वरिष्ठ नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने किया। प्रसंग के अनुरूप उन्होंने आंगिक अभिनय, मुख व नेत्रों के भावों व...

नृत्यः ओडिशी की लय में डूबी शाम

जीवन के आनंद के उत्सव की अभिव्यक्ति है - नृत्य। जब भी कोई खुश होता है, तब उसे व्यक्त करने के लिए नृत्य करता...

स्पिक मैकेः तेजो असि तेजो महि देहि

कलाकार की सफलता इसी में मानी जाती है कि वह अपनी कला से दर्शकों को बांध ले। चाहे वो दर्शक किसी भी उम्र का...

नृत्यः सूफी संगीत के साथ कथक

कथक नृत्यांगना रानी खानम परंपरा के साथ कुछ नवप्रयोग करने में विश्वास रखती हैं। उन्होंने ‘इन सर्च-ए जर्नी आॅफ रूहानियत’ पेश की।

नृत्य समारोहः शक्ति पर्व में नारी शक्ति का स्वरूप

महिला दिवस के मौके पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में शक्ति पर्व का आयोजन किया गया। नारी संवाद प्रकल्प में वरिष्ठ नृत्यांगना सोनल...

नृत्य समारोहः कथक के अनूठे रंग

कलाकार कला को अपना जीवन समर्पित करता है। वह सोते-जागते और उठते-बैठते जब दिन-रात उसमें डूबता है, तब उसकी कला में वह निखार आता...