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सैयद परवेज के सभी पोस्ट

दुनिया मेरे आगे : प्रेम का समाज

देश के कुछ हिस्सों और सामाजिक तबकों के बीच विवाह के लिए स्वतंत्र तरीके से साथी के चुनाव की परंपरा है। लेकिन जनजातीय समुदायों...

दुनिया मेरे आगे- लाचार इंसानियत

जब मैं एक स्कूल में पढ़ाता था, तब मैंने एक बार विद्यार्थियों से पूछा कि आकाश में पक्षी समूह में ‘वी’ आकार में क्यों...

आस्था बनाम प्यार

दिल्ली में मुझे अक्सर पलवल से गाजियाबाद लोकल शटल ट्रेन में सफर करना पड़ता है। ट्रेन के एक डिब्बे में भजन-कीर्तन मंडली पूरी श्रद्धा...