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संजय स्वतंत्र के सभी पोस्ट

कविताः स्मृतियों की जल समाधि पर सिंडेरिया का पूछना – ‘लिखो न एक कविता मेरे लिए’

तुमने कहा था/ मुझे लिखनी चाहिए कविता/ लिखता था कभी/ अब साथ नहीं देती कलम।

दुनिया मेरे आगे- हिंदी की दुर्गति के लिए भाषा के कट्टरपंथी पैरोकार जिम्मेदार

तमाम बड़ी कंपनियां अपने मोबाइल फोन को हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में समर्थ बना रही हैं। वे जानती हैं कि नई पीढ़ी अपनी भाषा...

अमेठी में मनरेगा के नाम पर घपलेबाजी, 27 करोड़ फर्जी तरीके से निकाले

अमेठी में मनरेगा की राशि से रोजगार और विकास के नाम पर फर्जी तरीके से 27 करोड़ रुपए हड़प लिए गए हैं। जबकि विकास...

IPL में खिलाने के नाम पर युवकों से ठगी

अभी तक आइपीएल के नाम पर सट्टे का खेल चलता था, लेकिन अब मैच में खिलाने के नाम पर ठगी शुरू हो गई है।...