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रवींद्र त्र‍िपाठी के सभी पोस्ट

रेस 3 फिल्म समीक्षा : ईद को खास बनाएगी सलमान की ईदी

रेस 3’ की कहानी शुरू में दिलचस्प लगती है लेकिन अंत तक आते-आते यह बेसिर-पैर की हो जाती है। अंत में लगता है कि...

फिल्म काला की समीक्षा : अशुभ नहीं शुभ का पर्याय ‘काला’

दक्षिण भारत में रजनीकांत के लाखों फैन हैं, लेकिन उत्तर भारत में भी उनके कम मुरीद नहीं है। ऐसे लोग, जो सिनेमाघर में सिर्फ...

फिल्म समीक्षा: ‘फेमस’, अच्छी कहानी, कमजोर सिनेमा

एक अच्छी कहानी लेकर भी आप फिल्म के साथ क्या गुलगपाड़ा कर सकते हैं इसका ताजा उदाहरण है ‘फेमस’। जिमी शेरगिल और केके मेनन...

फिल्म समीक्षा: ‘वीरे दी वेडिंग’, शादी ही सुखद अंत!

फिल्म में चार सहेलियां हैं- कालिंदी (करीना कपूर), अवनि (सोनम कपूर), शिखा (स्वरा भास्कर) और मीरा (शिखा तलसानिया)। चारों दिल्ली की हैं और अमीर...

परमाणु : द स्टोरी ऑफ पोखरण, पुराण और इतिहास का तड़का

अमेरिका और पाकिस्तान को पता तक नहीं चला कि क्या हुआ। माना कि फिल्म में रचनात्मक आजादी ली जाती है, पर इतनी नहीं कि...

फिल्म समीक्षा : बाइस्कोपवाला, टैगोर की कहानी की सुगंध बरकरार

बाइस्कोपवाला में मिनी फैशन स्टाइलिस्ट है और कोलकाता में रहती है। उसके पिता रोबी बसु (आदिल हुसैन) एक चर्चित फोटोग्राफर हैं। एक हवाई दुर्घटना...

फिल्म समीक्षा : डेडपूल 2, सुपर हीरो का कमाल

निर्देशक- डेविड लीच, कलाकार-रियान रेनोल्ड्स, जूलियन डेनिसन, जोश ब्रोलिन, मोरेना बकारिन।

फिल्म समीक्षा : खजूर पे अटके, परिवार में चालाकियां

निर्देशक- हर्ष छाया, कलाकार-मनोज पाहवा, सीमा पाहवा, विनय पाठक, डॉली अहलूवालिया, सना कपूर, अलका अमीन, नागेश भोंसले। 

फिल्म समीक्षाः ओमेर्ता – आतंकी मानसिकता

‘ओमेर्ता’ वैसे तो इतालवी भाषा का शब्द है और ये वहां के माफिया सरगानाओं के बीच हर हाल में चुप रहने की मानसिकता को...

फिल्म समीक्षाः 102 नॉट आउट – बुढ़ापे में भी जम के जियो

निर्देशक उमेश शुक्ला की नई फिल्म ‘102 नॉट आउट’ का मूल मंत्र है-जब तक जियो मजे से रहो। यानी उम्र कितनी भी हो जाए,...

फिल्म समीक्षाः हमारी पलटन – जंगल बचाने की जनचेतना

पेड़, पौधे और जंगल को बचाने के लिए जनचेतना पैदा करने के मकसद से बनाई गई फिल्म है ‘हमारी पलटन’।

फिल्म समीक्षाः दास देव – देवदास की अजीब पैरोडी

साफ है कि यह फिल्म देवदास की मूल कहानी की एक पैरोडी है और पैरोडी कभी मूल की जगह नहीं ले सकती।

फिल्म समीक्षाः नानू की जानू – हंसाना भी, डराना भी

सन 2014 में एक तमिल फिल्म आई थी- ‘पिसासु’। ‘नानू की जानू’ उसी का हिंदी रीमेक है।

फिल्म समीक्षाः बियॉन्ड द क्लाउड्स – बादलों के पार जो चांद है

फिल्म में एक भाई और एक बहन है। भाई आमिर (ईशान खट्टर) मां-बाप के नहीं रहने के बाद नशे यानी ड्रग्स के धंधे में...

October Review: रिश्तों की महक

हर-सिंगार (पारिजात) का फूल वातावरण में सुगंध खिलाने वाला होता है और बहुत जल्द डाली से टूट जाता है।

Blackmail Movie Review: अपारंपरिक हास्य

कुछ साल पहले जब अभिनय देव ने ‘डेल्ही बेली’ का निर्देशन किया था, तो उसे एक काला हास्य यानी ‘ब्लैक ह्यूमर’ के रूप में...

Baaghi 2 movie review: दिलचस्प और मनोरंजक

‘बागी-2’ एक दमदार और मनोरंजक फिल्म है। इसमें लगभग हर वह मसाला है जो इसे जायकेदार बना देता है।

Hichki Movie Reviews: जिंदगी की चुनौती कैसे झेलें?

इस फिल्म का नाम ‘हिचकी’ तो सिर्फ एक सहूलियत के लिए है क्योंकि जिस बीमारी के आधार पर इस फिल्म का नाम रखा गया...