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पी. चिदंबरम के सभी पोस्ट

दूसरी नज़र : भारत के स्वभाव की विजय

राजनीति विज्ञान का हर विद्यार्थी बिहार चुनाव के नतीजों को समझने की कोशिश करेगा। इन नतीजों में निहित सच्चाई को नजरअंदाज करना आसान है,...

पी चिदंबरम का कॉलम ‘दूसरी नजर’ : जीत हो या हार, कसौटी पर रहेंगे मोदी

जब आठ नवंबर की सुबह इस स्तंभ को पढ़ रहे होंगे, माहौल उत्सुकता से भरा होगा। हरेक के मन में यही सवाल हावी...

दूसरी नज़र : न्यायिक नियुक्ति आयोग की गुत्थी

एनजेएसी अधिनियम, जिसे एक झटके में खारिज कर दिया गया, उसे संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका, तीनों को स्वीकार्य बनाने के लिए उपयुक्त फेरबदल किए...

दूसरी नज़र : अब आगे बड़ी चुनौती

आखिरकार रिजर्व बैंक ने सरकार, कारोबारी समुदाय और बहुतेरे अर्थशास्त्रियों की अपेक्षाएं पूरी करते हुए रेपो रेट में पचास आधार अंकों की कटौती कर...

दूसरी नज़र : करो पहले, सोचो बाद में

यह पहली बार नहीं है कि भाजपा/राजग सरकार ने कार्रवाई पहले की हो, और सोचने की जहमत बाद में उठाई हो। दूसरी सरकारों के...

दूसरी नज़र : शरणार्थी, प्रवासी और मानवता

जब तक इंसान का वजूद है, दुख-तकलीफ उसके साथ लगी रहेगी। गरीबी, बीमारी, आपसी झगड़ों, उत्पीड़न और युद्धों ने इंसान पर जाने कितनी अनकही...

दूसरी नज़र : ओआरओपी की रहस्यकथा

एक दूसरी रहस्य-कथा, जो हमें दिखाई जा रही है वह समान रैंक समान पेंशन (ओआरओपी) की है। वास्तव में, इसमें रहस्य की कोई बात...

दूसरी नज़र : असहिष्णुता का उभार

भारतीय समाज को लेकर कई मिथों में एक पुराना मिथ यह है कि हम एक सहिष्णु समाज हैं, और हमेशा रहे हैं। यह पुरानी...

दूसरी नजर : आखिरकार कोई आर्थिक एजेंडा होगा?

संकट की आहट का मैंने हमेशा स्वागत किया है। लगता है कि ऐसी ही स्थिति भारत में बहस और चर्चा का असली उत्प्रेरक बनती...