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पी. चिदंबरम के सभी पोस्ट

दूसरी नजरः राज्य का चुनाव, राष्ट्रव्यापी प्रभाव

कर्नाटक में चुनाव होने जा रहा है, यह मीडिया की वजह से, पढ़ने या सुनने में ऐसा लगता है मानो भारत युद्ध के मोर्चे...

दूसरी नजर: एकांगी सोच का राज

भाजपा-राजग सरकार ने ‘टैक्स लगाओ और खर्चो’ की रणनीति अख्तियार की। वर्ष 2014-15 से 2016-17 के बीच सरकारी खर्चे तेजी से बढ़े। यह मान...

दूसरी नजर: अपराध और दंड-मुक्ति

उत्तर प्रदेश के उन्नाव में, जून 2017 में, सत्रह वर्षीय पीड़िता के साथ बलात्कार का आरोप सार्वजनिक जीवन में रहे एक व्यक्ति (भाजपा विधायक)...

दूसरी नजरः क्या सरकार संघीय व्यवस्था को चौपट कर देगी?

जैसी कि पिछले हफ्ते मैंने आशंका जताई थी, पंद्रहवें वित्त आयोग के लिए तय किए गए दायरे के कारण लगी आग फैल गई है।...

दूसरी नजरः दक्षिण की लपटें देश को झुलसा सकती हैं

केंद्र सरकार ने यह आग भड़काई है। यह बुझाई जानी चाहिए, इससे पहले कि दक्षिण की लपटें पूरे देश को झुलसाने लगें।

दूसरी नजर: अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता

नया शीतयुद्ध भारत और चीन के बीच है। यह जंग दो टकराते दृष्टिकोण की उपज है: भारत चीन को ईर्ष्या की निगाह से देखता...

दूसरी नजर: बदलाव का आरंभ शब्दों और विचारों से

भाजपा सरकार ने 2014-15 में आधार वर्ष को बदल कर 2011-12 कर दिया, साथ ही हिसाब का तरीका भी बदल दिया। जो फेरबदल किए...

दूसरी नजर: एक जोरदार और स्पष्ट संदेश

पहली घटना पार्टी की ताकत की हेकड़ी को और दूसरी लोगों की ताकत के दृढ़ निश्चय वाले फैसले को बताती है। ऐसी दिलचस्प घटनाएं...

दूसरी नजर: बजट में सूराख

खर्च के खाते पर नजर डालें। यहां दो बड़े सूराख हैं। पहले, खाद्य सबसिडी के प्रावधान को लें। वर्ष 2016-17 में यह 1,10,000 करोड़...

दूसरी नजर : न्यूनतम सरकार, अधिकतम नुकसान

क्या 132 करोड़ की आबादी वाला देश अपनी उच्च न्यायपालिका में (उच्च न्यायालयों में और सर्वोच्च न्यायालय में) जजों के सिर्फ 1110 पदों में...

दूसरी नजर: इंद्रधनुष का क्या हुआ

भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कई स्तरों पर निगरानी रखी जाती है, जिसकी शुरुआत निदेशकों के बोर्ड से होती है। इसके बाद...

दूसरी नजर: विरोध के कुछ और स्वर

वर्ष 1991 से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर करीब-करीब जीडीपी/जीवीए की औसत वृद्धि दर के बराबर रही है। अलबत्ता निर्यात में बढ़ोतरी...

दूसरी नजर- स्वास्थ्य पर बजट का जुमला

सरकार ने 2017-18 में 21,46,735 करोड़ रु. खर्च करने का अनुमान पेश किया था, पर आखिरकार उसने 22,17,750 करोड़ रु. खर्च किया- जो कि...

दूसरी नजर – अच्छा डॉक्टर, बिगड़ैल मरीज

आर्थिक सर्वे बताता है कि कुछ सालों से बचत तथा निजी निवेश में लगातार कमी आई है। इन्हीं दो इंजनों के सहारे अर्थव्यवस्था ने...

दूसरी नजर – सत्तर लाख नए रोजगार की शेखी

उपर्युक्त लेखकों ने स्पष्ट किया कि वेतन आधारित रोजगार से उनका मतलब ऐसे रोजगार से है जिसमें नौकरी करने वाला व्यक्ति कर्मचारी भविष्य निधि...

दूसरी नजर- जहां बच्चे उपेक्षित हैं-2

चौदह से अठारह साल के बच्चे क्या कर रहे हैं? वे स्कूलों में दाखिल तो हैं, पर हर साल वे एक खासे अनुपात में...

दूसरी नजर, पी चिदंबरम का लेख- सत्य, उत्तर-सत्य और पुन: सत्य

अर्थव्यवस्था की हकीकत सबको मालूम है। जेटली का जवाब ‘उत्तर-सत्य’ था। मैं यह जरूरी समझता हूं कि हकीकत एक बार फिर बयान की...

दूसरी नजर- जम्मू-कश्मीर पर पुनरवलोकन

वे जानते हैं कि यह रुख किसी राजनीतिक समाधान की ओर नहीं ले जा सकता। एक अतिवादी छोर से दूसरे अतिवादी छोर के...