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निरंकार सिंह

निरंकार सिंह के सभी पोस्ट 31 Articles

राजनीति: शुद्ध हवा का संकट

समुद्र, धरती से लेकर अंतरिक्ष में तमाम उपलब्धियों के बाद भी आज मनुष्य को सांस लेने के लिए न तो शुद्ध हवा है और...

राजनीति: आजादी का मतलब जिम्मेदारी

दुर्भाग्य से हमारे यहां देश में आजादी तो है, लेकिन जिम्मेदारी और व्यवस्था की भावना नहीं है। हम लोग जो मन में आया उसे...

राजनीति: विकास बनेगा विनाश का कारण

करोड़ों लोग आवास के अभाव, शिक्षा, नौकरी और मामूली चिकित्सकीय सहायता, बुढ़ापे में शरण पाने और मानवोचित जीवन जीने की समस्या से जूझ रहे...

राजनीति: महामारी बनता कैंसर

भारत में यह रोग जिस तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रहा है, उतनी तेजी से हम उसके उपचार की व्यवस्था नहीं कर...

राजनीतिः बाढ़ और सूखे का चक्रव्यूह

देश में विशेषरूप से बिहार, झारखंड और असम ऐसे तीन राज्य हैं जिन्हें हर वर्ष बाढ़ से सबसे अधिक क्षति पहुंचती है। उत्तर प्रदेश...

राजनीतिः रोजगार हड़पती तकनीक

देश में तेजी से बढ़ती बेरोजगारी और गरीबी की समस्या औद्योगीकरण की नीतियों से हल नहीं की जा सकती है। इसके लिए जरूरी है...

राजनीति: सबकी सेहत का सपना

किसी भी समाज का आकलन लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की उसकी क्षमता से आंका जाता है। स्वास्थ्य सुविधा के तहत सिर्फ...

राजनीतिः अंतरिक्ष में होंगे भविष्य के युद्ध

दरअसल चीन के पास उपग्रहों को जाम करने की क्षमता है। अब वह पूर्ण स्पेक्ट्रम क्षमता विकसित करने की ओर बढ़ रहा है। टोही...

नदियों में बहती विष की धाराएं

देश के विभिन्न राज्यों में बहने वाली अड़तीस प्रमुख नदियों की सफाई पर पिछले कुछ सालों मेें अरबों रुपए खर्च किए जा चुके हैं।...

राजनीतिः बढ़ती आबादी, घटता खाद्यान्न

दुनिया के सभी लोग पेट भरने के लिए केवल नौ या दस पादप प्रजातियों पर आश्रित हैं। समस्या यह है कि ये सारे स्रोत...

काल का आदि और अंत

काल अर्थात समय क्या है? भारतीय ऋषियों की मान्यता है कि ईश्वर की तरह काल का अंत नहीं होता है अर्थात वह उन्हीं की...

रेगिस्तान का बढ़ता दायरा

धरती के रेगिस्तान में बदलने की प्रक्रिया बड़े पैमाने पर चीन, अफ्रीका, आस्ट्रेलिया, भूमध्यसागर के अधिसंख्य देशों तथा पश्चिम एशिया, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका...

भुखमरी से निपटने की चुनौती

बीस करोड़ भुखमरी के शिकार लोगों की संख्या के साथ भारत इसमें पहले नंबर पर है। यह हाल तब है जब दुनिया में भरपूर...

रोजगार की कसौटी और विकास

आजादी के बाद देश में कुछ नए कल-कारखाने खुले तो कुछ लोगों को काम मिला, लेकिन हमारी आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही...

राजनीतिः अगर धरती को बचाना है

जंगल जिस रफ्तार से नदारद हो रहे हैं उसी रफ्तार से नदारद होते रहे तो आक्सीजन कहां से मिलेगी? यदि ये जंगल नहीं रहेंगे...

राजनीतिः अंतरिक्ष में जीवन की खोज

जीवन पृथ्वी के अलावा कहीं और भी संभव है? इस पर कई दशकों से वैज्ञानिकों के बीच गहमागहमी चल रही है। अब पता चला...

कहां ले जाएगी अमेरिका और चीन की होड़

चीन और अमेरिका के बीच दक्षिण चीन सागर और उत्तर कोरिया को लेकर मतभेद गहराते जा रहे हैं। दोनों देश एक दूसरे से जंग...

राजनीतिः कुदरत के दोहन से खतरे में जीवन

हम प्रकृति पर अपने अंतहीन अतिक्रमण और बगैर सोचे-समझे उसमें बड़े-बड़े फेरबदल करके इस अधिकार का अविवेकपूर्ण उपयोग नहीं कर सकते और हमें करना...