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मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बारादरीः मनुष्यता की रक्षा के लिए है प्रेमचंद का साहित्य

प्रेमचंद, गांधी, पत्रकारिता और साहित्य आज बीच बहस में हैं। प्रेमचंद अपने साहित्य से एक ऐसा दौर दे गए, जिसका मूल्यांकन हर दौर में...

बेबाक बोल: आप की बीमारी

आम आदमी पार्टी ने अपना राजनीतिक प्रतीक चिह्न या आम भाषा में कहें चुनावी निशान झाड़ू को बनाया। सीकों से बनी झाडूÞ आम लोगों...

बेबाक बोल: अटल विश्वास

सक्रिय राजनीति से बाहर होकर जो नेता पिछले एक दशक से मौन थे, उनके निधन पर पूरे देश के होठों पर उनकी कविता की...

बारादरीः भाजपा का कोई विकल्प नहीं

इन दिनों केंद्र में विपक्षी दल सरकार के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। सरकार के कामकाज को लेकर कई तरह के आरोप लगा रहे...

बेबाक बोल: समय का सितारा

लोक के तंत्र में परलोक की राजनीति करने वालों को चुनौती मिली अरब सागर के तट पर बसे तमिलनाडु से। एम करुणानिधि ने द्रविड़...

बेबाक बोल: भरोसे का भ्रम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामले को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए ऐसी घटनाएं दोबारा होने से रोकने...

बेबाक बोल: दिल्ली का दर्द

भूख एक ऐसा शब्द है जो सामाजिक स्तर की पहचान कराता है। आज इक्कीसवीं सदी में देश की राजधानी दिल्ली जहां दो-दो सरकारें अपना...

बारादरीः चिंता है तो बचा लेंगे लोक संस्कृति को

हमारी फितरत है कि ध्वनि हमें आकर्षित करती है। जितने मन से उस जमाने में लोगों ने पाश्चात्य धुनों पर आधारित गीतों को सुना,...

बेबाक बोल: रुद्रावतार!

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के समय ‘कर नाटक’ का जो व्यंग्य चल रहा था उसका पटाक्षेप जद (सेकु)-कांग्रेस सरकार का पहला बजट पेश करने के...

राजकाजः बेबाक बोल – भ्रमजाल

अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस के उदारवादी चेहरे 2019 के चुनावी मैदान में नीतियों की बात आते ही परेशान हो जाते हैं।...

बारादरीः पूर्ण राज्य का दर्जा चाहते ही नहीं केजरीवाल

भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी का आरोप है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री आरोप तो लगाते हैं, लेकिन मुद्दे सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर...

बेबाक बोल: बेलाज बादशाह

चुनावी मैदान में जनता के सामने हाथ जोड़ने वाले जनप्रतिनिधि सत्ता का ताज पहनते ही लोकतंत्र की लाज नहीं रखते हैं। जनप्रतिनिधियों का नागरिकों...

बेबाक बोल: दर्द की दवा क्या…

औपनिवेशिक शासन के अंत ने भारत को विभाजन जैसे नासूर के साथ कश्मीर जैसी लाइलाज बीमारी भी दे दी। राजे-रजवाड़ों को आजाद हिंदुस्तान की...

बेबाक बोल : आगे 2019 है…

जंतर मंतर और रामलीला मैदान से एनजीओ, आइआइटी, हाई प्रोफाइल समाज सेवकों के डिजाइनर आंदोलन से आम आदमी पार्टी का ब्रांड निकला था। शहर...

बेबाक बोल : फुटबॉल का ‘खेल’

इंग्लैंड की फुटबॉल टीम के स्वीडिश मूल के मैनेजर स्वेन गोरान एरिक्सन ने कहा था, ‘फुटबॉल में राजनीति से ज्यादा राजनीति है’। आज जब...

बारादरी: सतत मूल्यांकन से पहले समस्या को समझें

इस देश में नीतियों की कमी नहीं है। समस्या है, तो उनके क्रियान्वयन की। अब तक जितनी भी बातें मैंने कीं, उनमें से एक...

बेबाक बोल : मिसाल

मजहब की दीवार लांघ एक लड़की और लड़का प्रेम करते हैं। इस प्रेम और शादी की मांग के खिलाफ लड़के की हत्या कर दी...

बेबाक बोल : कठिन राह

केंद्र की राजग सरकार ने चुनाव सुधारों के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ करवाने के लिए कदम उठाने की इच्छा जाहिर की...