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मुकेश भारद्वाज के सभी पोस्ट

बेबाक बोलः समर शेष- अगस्ता की उड़ान, आरोपों का विमान

रक्षा सौदों से जुड़ी असुरक्षा किसी भी देश के लिए रक्षा सौदे बहुत अहम होते हैं। देश की जरूरतों के अनुसार रक्षा सौदे तय करना...

साहित्य, सियासत और प्रतिबद्धता

‘मेरे यारों, यह हादसा हमारे ही समयों में होना था, कि मार्क्स का सिंह जैसा सिर सत्ता के गलियारों में मिनमिनाता फिरना था’। पंजाबी...

बेबाक बोल- बेकार सियासत

आत्ममुग्ध होने की भी हद है और खुद पर मोहित रहना एक कला ही है। अब धीरे-धीरे पुरानी पड़ रही दिल्ली की आम आदमी...

राबर्ट वाड्रा जमीन सौदे की जांच पर रिपोर्ट आने में हो सकती है देरी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा के गुड़गांव जमीन सौदे की जांच कर रहे न्यायाधीश एसएन ढींगड़ा आयोग की तय सीमा में...

पश्चिम बंगाल चुनाव पर बेबाक बोल : परिवर्तन पंथी

पश्चिम बंगाल की विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 294 सदस्यों की है, जिनमें से फिलहाल 184 सीटों पर ममता बनर्जी का कब्जा है।...

सत्य के साथ यथावत

2015 में पद्मश्री से नवाजे गए राम बहादुर राय ने अपने पत्रकारीय जीवन में कई सरकारों और उनके कार्यकाल पर निष्पक्ष कलम चलाई।

बेबाक- बोलः आर-पार

मौलाना मसूद अजहर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना है। जैश-ए-मोहम्मद भारत में हमलों के लिए बनाया गया आतंकवादी संगठन है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत...

बेबाक बोल- संविधान एक खोज, सत्ता का सत्य

फेडरिक नीत्शे ने लिखा है कि सत्य नहीं होते, सिर्फ व्याख्याएं होती हैं। वे एक जगह यह भी कहते हैं कि सभी चीजों की...

बेबाक बोलः अहं, हिंसा और हम

तृप्त जानवर होने से बेहतर है अतृप्त इनसान बन कर रहना। दरअसल, इनसान और जानवर के बीच मूल फर्क यही है कि तृप्त रहने...

बेबाक बोलः संकट में शक्तिमान

पूरे देश में जब कांग्रेस के खिलाफ सुनामी आई थी तब देवभूमि कहे जानेवाले हिमाचल प्रदेश में पार्टी की डगमगाती कश्ती के खेवनहार बने...

बेबाक बोलः गणवेश का गणित

आरएसएस को ‘फीडबैक’ आधारित संस्था भी कहा जाता है। अपनी स्थापना के बाद से स्वतंत्र भारत में तीन बार प्रतिबंध का सामना कर चुकने...

बाजार का बसंत

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार फिलहाल अपनी बुलंदी के पंद्रह मिनट की चकाचौंध में हैं। कहना न होगा कि जल्द ही...

5 राज्यों के विस चुनावों पर बेबाक बोल: अब ‘पंच परमेश्वर’

भाजपा ने लोकसभा चुनावों में तो यहां अपनी मौजूदगी जोर-शोर से दर्ज करा दी थी, लेकिन उसके बाद हिंदी भाषी प्रांतों में उसका जो...

INTERVIEW में शीला दीक्षित ने कहा- अच्छे काम भूल गए तो गलतियां भी माफ कर देंगे लोग

दिल्ली की राजनीति के केंद्रबिंदु में रहीं दीक्षित से दिल्ली के हालात पर जनसत्ता के कार्यकारी संपादक मुकेश भारद्वाज से बातचीत के संक्षिप्त अंश।

बेबाक बोलः शोर की स्मृति

इतालवी बुद्धिजीवी अंबर्तो इको ने कहा था कि आजादी का मतलब तो झूठे और नकली शब्दों से मुक्त होना भी है। विश्वविद्यालय परिसरों और...

आरक्षण के रण पर बेबाक बोल: हक-बंदी

आरक्षण की मांग पर हरियाणा का यह पहला बड़ा आंदोलन रहा जिसमें व्यापक स्तर पर जान-माल का नुकसान हुआ। सरकारी तौर पर आरक्षण की...

गदर में शहीद शहादत

छह दिनों तक टनों बर्फ के नीचे दबे लांसनायक हनुमनथप्पा के बहादुर दिल के धड़कते रहने की खबर ने देश के करोड़ों दिलों की...

जेएनयू विवाद पर बेबाक बोल: द्रोह-काल

अब तक जेएनयू में वामपंथियों का बोलबाला रहा है, और दक्षिणपंथी विचारधारा वहां अघोषित रूप से प्रतिबंधित ही रही है।