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कुलीना कुमारी के सभी पोस्ट

समाजः हाशिए पर बुजुर्ग

यह एक आम रिवायत है कि महिलाएं शादी के बाद मां बन कर रह जाती हैं। बड़ी संख्या में महिलाओं की हस्ती उसी रूप...

दूनिया मेरे आगे: प्रेम की राह में

सोशल मीडिया और इंटरनेट ने जहां संवाद की गति को तीव्र किया है, वहीं चेहरे छिपाने की भी सुविधा दे दी है। इन माध्यमों...

किशोर दुनिया के तकाजे

उम्र में होने वाला एक बड़ा परिवर्तन यह होता है कि मन के भीतर विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण पनपने लगता है। संपर्क होने...

किस दिवस का कितना महत्त्व- मित्रता दिवस, रक्षा बंधन और स्वतंत्रता दिवस

अगर इसकी अलग-अलग व्याख्या न कर सामान्य रूप से कहें तो मनुष्य को अपनी जड़ से लगाव और रक्षा बंधन के रूप में अपने...

आधी आबादी-कुरीति और कुचक्र

मार्च को महिलाओं के लिए खास माना जाता है, क्योंकि इसी में ‘महिला दिवस’ पड़ता है।

मुद्दा: बाल दिवस की जरूरत

माता-पिता को अपने बच्चों को वे सब चीजें भी सिखानी चाहिए जो भविष्य में उनके जीवन के लिए उपयोगी हो।

भाषा- कब तक होगी प्रतीक्षा

हम हिंदुस्तानी अच्छे से जानते हैं कि जितना सहज हम हिंदी या अपने देशी भाषा में होते हैं, उतनी अन्य किसी भाषा में नहीं।

‘आधी आबादी’ कॉलम में कुलीना कुमारी का लेख : लेखन में महिलाएं

ये सब बातें अपनी जगह हैं, मगर बदलते समय के साथ न केवल महिलाओं के कार्यक्षेत्र बढ़ रहे हैं बल्कि पुरुष भी बदल रहे...

विषमता की रूढ़ियां

मनुस्मृति व कुछ पौराणिक ग्रंथों में स्पष्ट रूप से महिलाओं को दोयम दर्जे का बताया गया है; उन पर विभिन्न रूपों में जुल्म व...

मुद्दाः कानून के उलट

अगर महिला की प्रगति चाहिए तो संस्कार के नाम पर, जो सदियों से लड़कियों को कमजोर बनाए रहने का ढोंग चल रहा है, उसे...

खुद से हारे तो खुदकुशी

आत्महत्या की प्रवृत्ति किस कदर बढ़ रही है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो ने 2014 में हर...