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राजधानी में बढ़ रही है रावण के पुतलों की लंबाई

नरेंद्र भंडारी नई दिल्ली। दिल्ली की ज्यादातर रामलीला समितियां अपने-अपने यहां चार-चार पुतलों का दहन करेंगी। रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतलों के साथ...

पूंजी का दबदबा और लोकहित की कामना

शीतला सिंह भारत का भावी स्वरूप क्या होगा, बदलाव की दिशा देखकर इसका अनुमान किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आयोजन में...

हरियाणा में दलबदलुओं से भाजपा की हालत पतली

विवेक सक्सेना नई दिल्ली। हरियाणा में सरकार बनाने का सपने देख रही भाजपा की स्थिति हास्यास्पद हो गई है। जहां उसने अब तक अपना...

नरेंद्र मोदी और बराक ओबामा ने किया साथ चलने का वादा

अनिता कत्याल/एजंसियां वाशिंगटन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी पहली शिखर स्तरीय बैठक में भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को नए स्तर पर...

दक्षिणावर्त: वह छुटकी-सी माताराम

तरुण विजय जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: वह नाराजगी और गुस्सा। वह चिड़चिड़ापन और ‘मैं न मानूं’ का अतिरेकी बालहठ। जब मन में आए सोना,...

समांतर संसार: चमक और उदास चेहरे

सय्यद मुबीन ज़ेहरा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: मंगल ग्रह पर भारत की दस्तक की तस्वीरों के बीच कुछ तस्वीरें सबसे आकर्षक थीं। वे महिला...

टेलीविजन: लोकप्रियता का भ्रामक पैमाना

सतीश सिंह जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: आज टेलीविजन रेटिंग पॉइंट यानी टीआरपी शब्द का प्रयोग आम हो गया है, पर इसके वास्तविक तंत्र से...

मतांतर: हकीकत से उलट

दीपशिखा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: आजकल हमारे राजनीतिक और बुद्धिजीवी तबके में स्त्रियों का पहनावा और उनकी जीवन-शैली बहस का मुद्दा बना हुआ है।...

प्रसंग: आदिवासी विमर्श के रोड़े

केदार प्रसाद मीणा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: हिंदी का सबसे नया विमर्श आदिवासी विमर्श है। हालांकि हिंदी में आदिवासियों पर लंबे समय से लिखा...

कभी-कभार: लेखक के समकालीन

अशोक वाजपेयी जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने रवींद्रनाथ ठाकुर और उनके यशस्वी समकालीनों पर दो दिनों का...

पुस्तकायन: घेरे में स्त्री

नीलाप्रसाद जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: बर्बर दामिनी बलात्कार कांड और उस घटना के प्रतिक्रियास्वरूप आम जनमानस में उपजे आक्रोश के परिप्रेक्ष्य में मूल्यमंथन की...

पुस्तकायन: जीवंत कल्पना लोक

पूरन सरमा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: किसी विधा के लेखन में सोद्देश्यता उसकी पहली शर्त मानी जाती रही है। बिना कथ्य के लिखने का...

अनचाही पहचान

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: विष्णु नागर ने ‘धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ’ (26 सितंबर) लेख में बहुत अहम मुद्दा उठाया है जो अक्सर चर्चा में...

पाक की रट

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठा कर फिर सिद्ध कर दिया कि जब-जब उनके अपने...

पड़ोस से संवाद

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: संयुक्त राष्ट्र महासभा का सालाना अधिवेशन भले वैश्विक मसलों पर केंद्रित रहता हो, यह विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों...

उलटी राह

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: सभी बच्चों को कम से कम माध्यमिक तक शिक्षा मुहैया कराने का राष्ट्रीय उद््देश्य शुरू से संविधान का हिस्सा रहा...

केम छो अमेरिका

पुष्परंजन जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: अब मोदीजी राजनीति के रॉकस्टार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में धाराप्रवाह बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान को धोया,...

बंद दुनिया की चीखें

निशा यादव जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों की चकाचौंध और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में आज इंसान इतना व्यस्त हो गया है...

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