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प्रसंग: आदिवासी विमर्श के रोड़े

केदार प्रसाद मीणा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: हिंदी का सबसे नया विमर्श आदिवासी विमर्श है। हालांकि हिंदी में आदिवासियों पर लंबे समय से लिखा...

कभी-कभार: लेखक के समकालीन

अशोक वाजपेयी जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग ने रवींद्रनाथ ठाकुर और उनके यशस्वी समकालीनों पर दो दिनों का...

पुस्तकायन: घेरे में स्त्री

नीलाप्रसाद जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: बर्बर दामिनी बलात्कार कांड और उस घटना के प्रतिक्रियास्वरूप आम जनमानस में उपजे आक्रोश के परिप्रेक्ष्य में मूल्यमंथन की...

पुस्तकायन: जीवंत कल्पना लोक

पूरन सरमा जनसत्ता 28 सितंबर, 2014: किसी विधा के लेखन में सोद्देश्यता उसकी पहली शर्त मानी जाती रही है। बिना कथ्य के लिखने का...

अनचाही पहचान

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: विष्णु नागर ने ‘धार्मिक स्वतंत्रता का अर्थ’ (26 सितंबर) लेख में बहुत अहम मुद्दा उठाया है जो अक्सर चर्चा में...

पाक की रट

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर मुद्दा उठा कर फिर सिद्ध कर दिया कि जब-जब उनके अपने...

पड़ोस से संवाद

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: संयुक्त राष्ट्र महासभा का सालाना अधिवेशन भले वैश्विक मसलों पर केंद्रित रहता हो, यह विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों के बीच द्विपक्षीय मुद्दों...

उलटी राह

जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: सभी बच्चों को कम से कम माध्यमिक तक शिक्षा मुहैया कराने का राष्ट्रीय उद््देश्य शुरू से संविधान का हिस्सा रहा...

केम छो अमेरिका

पुष्परंजन जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: अब मोदीजी राजनीति के रॉकस्टार हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिंदी में धाराप्रवाह बोलते हुए उन्होंने पाकिस्तान को धोया,...

बंद दुनिया की चीखें

निशा यादव जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों की चकाचौंध और भाग-दौड़ भरी जिंदगी में आज इंसान इतना व्यस्त हो गया है...

गांव का चेहरा

उमेश चतुर्वेदी जनसत्ता 30 सितंबर, 2014: कुछ घरेलू मजबूरियों के चलते पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित अपने गांव जाना पड़ा। ऐसा...

अराजक व हिंसक राजनीति को बढ़ावा दे रही है तृणमूल कांग्रेस: बसु

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में बदले हालात में एक तरफ सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस व दूसरी तरफ भाजपा के हमलों के मद्देनजर विरोधी वाममोर्चा ने सभी...

शहीदे-आजम सरीखे जज्बे से इंसाफ के लिए लड़ती रहीं भगत सिंह की बहन प्रकाश कौर

मुकेश भारद्वाज चंडीगढ़। जब शहीदे-आजम भगत सिंह को 23 मार्च सन 1931 में ब्रिटिश हुकूमत ने फांसी के तख्ते पर लटकाया तो उनकी बहन...

तुष्टीकरण की छवि से पार पाने की कोशिश में सपा

अंशुमान शुक्ल लखनऊ। समाजवादी पार्टी को सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद यह समझ आ गया है कि समाज के...

नकल के माफिया

जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: हमारे यहां दो तरह की प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। पहली स्थिति में परीक्षार्थी सीधे नौकरी के लिए जंग...

न्याय में देरी

जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा का कहना है कि ‘सफल नहीं होंगे न्यायपालिका की स्वतंत्रता छीनने के प्रयास’...

दुनिया के सामने

जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस बार भारत के प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर पहले से कहीं अधिक उत्सुकता थी। इसलिए...

फैसले का संदेश

जनसत्ता 29 सितंबर, 2014: आय से अधिक संपत्ति के मामले में जयललिता को हुई सजा देश की राजनीति की भी एक अपूर्व घटना है...