ताज़ा खबर
 

गोपेश्वर सिंह के सभी पोस्ट

आज के समय में गांधी

कहने की जरूरत नहीं कि हमारी वर्तमान राजनीति की चिंता के केंद्र में समाज का वह आखिरी आदमी नहीं है जो गांधी की लोकनीति...

प्रसंगवश- उपवास और प्रतिरोध

उपवास प्रतिरोध का सबसे पवित्र और अहिंसक हथियार है। इसे राजनीतिक और सामाजिक प्रतिरोध का साधन महात्मा गांधी ने बनाया।

लेखक संघों की हकीकत

जब संगठन में ही शक्ति है, तब लेखकों का भी संगठन क्यों नहीं होना चाहिए? होना चाहिए, तभी तो 1936 में ह्यप्रगतिशील लेखक संघ...

साहित्य: जनकवि और जनकविता

जनकवि उसे कहेंगे, जो जनता का कवि हो। तब प्रश्न उठेगा कि जनता का कवि कौन? जनता के लिए तो सबने लिखा है।

दृष्टि और दृश्य का द्वंद्व

गांधी और टैगोर के बीच जो पत्र-व्यवहार और विचार-विमर्श हुए उसे देखने पर पता चलता है कि चरखा को लेकर दोनों में तीव्र मतभेद...

माध्यम : आभासी दुनिया के राग-रंग

हिंदी सोशल साइट पर अब ऐसे लोगों की बड़ी जमात है, जिसे इसी माध्यम के जरिए रचनात्मकता के पंख नसीब हुए हैं।

प्रसंग : गीत को देश-निकाला

क्या हिंदी कविता एक लुप्त होती हुई विधा है? अभी जो कविता लिखी जा रही है, उसके पाठक नहीं हैं, जो हैं वे अपवाद...