गणेश नंदन तिवारी के सभी पोस्ट

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Artist

हमारी याद आएगी: डेविड,नन्हे मुन्ने बच्चे तेरी मुट्ठी में क्या है…

हिंदी सिनेमा के विकास में हर जाति, धर्म, प्रदेश के लोगों का योगदान रहा है। थियेटरों से सिनेमा में आए पारसियों ही नहीं, मराठीभाषी...

sabrang

हमारी याद आएगी-सावित्री: हीरोइन के हस्ताक्षर से खुला शादीशुदा होने का राज

तेलुगु में 138, तमिल में 100, कन्नड़ में आठ, तीन मलयालम और पांच हिंदी फिल्मों (बहुत दिन हुए, घर बसा के देखो, गंगा की...

Film industry

हमारी याद आएगी: नीरज वोरा, लेखक-निर्माता के बीच बना अनोखा रिश्ता

हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के बाद लेखक निदेशक नीरज वोरा को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत अच्‍छी नहीं...

Poet

हमारी याद आएगी: कवि प्रदीप, चढ़ने लगा गुड़-चना बंटने लगी चिट्ठियां

वाकया 1975 का है। देश की गली-गली में ‘शोले’ के संवादों का एलपी रिकॉर्ड बज रहा था। जनमानस ‘कितने आदमी थे...’ और ‘तुम्हारा नाम...

Industries

हमारी याद आएगी: मोतीलाल…आसमान से आया फरिश्ता प्यार का सबक सिखलाने

परंपरावादी दर्शकों ने ‘एन इवनिंग इन पेरिस’ देखकर खूब हल्ला किया कि कोई प्यार का इजहार इस तरह हवा में लटक कर करता...

Industries

हमारी याद आएगी: मोहम्मद अजीज, दशक भर में ही धुंधला गईं मोहम्मद रफी की परछाइयां

मोहम्मद रफी का 1980 में निधन हुआ तो रफी जैसी आवाज में गाने वाले अनवर, शब्बीर कुमार और मोहम्मद अजीज बहुत तेजी से फिल्मजगत...

बॉलीवुड, हिंदी सिनेमा

हमारी याद आएगी: वी शांताराम- …और निर्माता ने अपनी बेटी को फिल्म से हटा दिया

जीतेंद्र ने मुमताज के साथ काम करने से इनकार कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि सफलता के बाद उनकी जो इमेज बनी...

हमारी याद आएगी: बीआर चोपड़ा-जब कलाकार के जुनून ने निर्माता को झुकाया

फिल्मी दुनिया में कहा जाता है कि हर भूमिका अपना भाग्य लेकर पैदा होती है और उस ‘भाग्यवान’ तक पहुंच जाती है, जिसके लिए...

हमारी याद आएगी: जयकिशन- खामोश सुर और सूने टेबल पर जलती मोमबत्ती

जयकिशन के जाने से किसी का क्या बिगड़ा? राज कपूर पहले की तरह हिट संगीत के साथ फिल्में बनाते रहे। कभी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ,...

हमारी याद आएगीः और परदे के खलनायक ने कर दी गुंडों की पिटाई

हीरो के रूप में मनचाही सफलता न मिली तो अजीत खलनायक बन गए। ‘जंजीर’, ‘यादों की बरात’, ‘कालीचरण’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘राम बलराम’, ‘मिस्टर नटवरलाल’ में...

हमारी याद आएगीः एक कलम, जिसने नायक और खलनायक को एक कर दिया दिखाया

गाजानी कश्मीरी ‘किस्मत’ (1943) के लेखक थे, जो तीन साल तक कोलकाता के रॉक्सी सिनेमाघर में चली थी। वे ऐसे लेखक थे जिन्होंने हिंदी...

हमारी याद आएगीः जो काम हीरो नहीं कर सका हीरोइन ने कर दिखाया

मूक फिल्मों के दौर में महिला कलाकारों की कमी थी क्योंकि प्रतिष्ठित घराने की महिलाएं तो दूर कोठेवालियां और तवायफें भी सिनेमा को सम्मान...

हमारी याद आएगीः जब संगीतकार ने अपने हुनर का मोल मांगा

जैसे राज कपूर की फिल्मों में संगीतकार शंकर-जयकिशन, बीआर चोपड़ा की फिल्मों में संगीतकार रवि का अहम योगदान है, वैसे ही एआर कारदार की...

हमारी याद आएगीः जब एक ही रात में हो गया फिल्म का संगीत तैयार

कुदरत ने इनसान को विपरीत हालातों का मुकाबला करने की अद्भुत क्षमता दी है। आपात स्थितियों में यह क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।...

हमारी याद आएगीः पचास साल चली हिम्मत और किस्मत की लड़ाई

मुंबई फिल्मजगत में आकर संघर्ष करने वालों के किस्से-कहानियां खूब सुनाए जाते रहे हैं। कैसे यह फिल्मजगत लोगों की परीक्षाएं लेता है। अमिताभ बच्चन...

हमारी याद आएगीः सलीम-जावेद की बनी जोड़ी राजेश खन्ना को मिला बंगला

बदन पर सिर्फ लुंगी, सोने की फ्रेम का चश्मा, माथे पर त्रिपुंड, शरीर पर चंदन के पाउडर का लेप करने वाले निर्माता चिनप्पा देवर...

हमारी याद आएगीः जब देनी पड़ी हिंदी फिल्मों में प्रवेश के लिए परीक्षा

असम की हरीतिमा लिए चाय बागानों में चहचहाते पक्षियों और चलती मंद हवा के साथ मोजार्ट की सिंफनियों की खुराक पर पले थे संगीतकार...

हमारी याद आएगीः एक ही राह के ‘मुसाफिर’, जो दोबारा कभी नहीं मिले

फिल्मी दुनिया कलाकारों और तकनीशियनों की प्रतिभा से नहीं बल्कि अपनी जरूरतों के हिसाब से चलती है। यही कारण है कि हीरो बनने आए...

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