गणेश नंदन तिवारी

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बॉलीवुड, हिंदी सिनेमा

हमारी याद आएगी: वी शांताराम- …और निर्माता ने अपनी बेटी को फिल्म से हटा दिया

जीतेंद्र ने मुमताज के साथ काम करने से इनकार कर दिया था क्योंकि उन्हें डर था कि सफलता के बाद उनकी जो इमेज बनी...

हमारी याद आएगी: बीआर चोपड़ा-जब कलाकार के जुनून ने निर्माता को झुकाया

फिल्मी दुनिया में कहा जाता है कि हर भूमिका अपना भाग्य लेकर पैदा होती है और उस ‘भाग्यवान’ तक पहुंच जाती है, जिसके लिए...

हमारी याद आएगी: जयकिशन- खामोश सुर और सूने टेबल पर जलती मोमबत्ती

जयकिशन के जाने से किसी का क्या बिगड़ा? राज कपूर पहले की तरह हिट संगीत के साथ फिल्में बनाते रहे। कभी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के साथ,...

हमारी याद आएगीः और परदे के खलनायक ने कर दी गुंडों की पिटाई

हीरो के रूप में मनचाही सफलता न मिली तो अजीत खलनायक बन गए। ‘जंजीर’, ‘यादों की बरात’, ‘कालीचरण’, ‘प्रतिज्ञा’, ‘राम बलराम’, ‘मिस्टर नटवरलाल’ में...

हमारी याद आएगीः एक कलम, जिसने नायक और खलनायक को एक कर दिया दिखाया

गाजानी कश्मीरी ‘किस्मत’ (1943) के लेखक थे, जो तीन साल तक कोलकाता के रॉक्सी सिनेमाघर में चली थी। वे ऐसे लेखक थे जिन्होंने हिंदी...

हमारी याद आएगीः जो काम हीरो नहीं कर सका हीरोइन ने कर दिखाया

मूक फिल्मों के दौर में महिला कलाकारों की कमी थी क्योंकि प्रतिष्ठित घराने की महिलाएं तो दूर कोठेवालियां और तवायफें भी सिनेमा को सम्मान...

हमारी याद आएगीः जब संगीतकार ने अपने हुनर का मोल मांगा

जैसे राज कपूर की फिल्मों में संगीतकार शंकर-जयकिशन, बीआर चोपड़ा की फिल्मों में संगीतकार रवि का अहम योगदान है, वैसे ही एआर कारदार की...

हमारी याद आएगीः जब एक ही रात में हो गया फिल्म का संगीत तैयार

कुदरत ने इनसान को विपरीत हालातों का मुकाबला करने की अद्भुत क्षमता दी है। आपात स्थितियों में यह क्षमता कई गुना बढ़ जाती है।...

हमारी याद आएगीः पचास साल चली हिम्मत और किस्मत की लड़ाई

मुंबई फिल्मजगत में आकर संघर्ष करने वालों के किस्से-कहानियां खूब सुनाए जाते रहे हैं। कैसे यह फिल्मजगत लोगों की परीक्षाएं लेता है। अमिताभ बच्चन...

हमारी याद आएगीः सलीम-जावेद की बनी जोड़ी राजेश खन्ना को मिला बंगला

बदन पर सिर्फ लुंगी, सोने की फ्रेम का चश्मा, माथे पर त्रिपुंड, शरीर पर चंदन के पाउडर का लेप करने वाले निर्माता चिनप्पा देवर...

हमारी याद आएगीः जब देनी पड़ी हिंदी फिल्मों में प्रवेश के लिए परीक्षा

असम की हरीतिमा लिए चाय बागानों में चहचहाते पक्षियों और चलती मंद हवा के साथ मोजार्ट की सिंफनियों की खुराक पर पले थे संगीतकार...

हमारी याद आएगीः एक ही राह के ‘मुसाफिर’, जो दोबारा कभी नहीं मिले

फिल्मी दुनिया कलाकारों और तकनीशियनों की प्रतिभा से नहीं बल्कि अपनी जरूरतों के हिसाब से चलती है। यही कारण है कि हीरो बनने आए...

पंडित जसराज: गायन की गहराई नापी और छू लिया सुदूर ग्रह को

तबले के धा और सरगम के सुरीलेपन को समझने के बाद पंडित जसराज के जीवन में एक के बाद एक पड़ाव आए और हर...

हमारी याद आएगीः बदले से शुरू, बदले पर खत्म हुई एक कहानी

चार साल की उम्र से अभिनय में शुरुआत करने वाली श्रीदेवी ने जहां एक ओर 1983 में ‘हिम्मतवाला’ से हिंदी फिल्मों की दुनिया में...

एम करुणानिधि: दो घनिष्ठ मित्रों की दोस्ती और दुश्मनी की दास्तान

यह समय की ताकत थी जिसने दो घनिष्ठ मित्रों-एमजी रामचंद्रन और करुणानिधि-को दोस्त से दुश्मन बना दिया था। अगर करुणानिधि ने अपनी कलम की...

kumkum, bhojpui film,

सच हुआ भोजपुरी में फिल्में बनाने का सपना

दिवंगत प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने मनोज कुमार से ‘जय जवान जय किसान’ नारे पर एक फिल्म बनाने के लिए कहा और मनोज...

हमारी याद आएगीः महानायक की ‘अग्निपरीक्षा’

उत्तम कुमार निर्माता भी बने। ‘अग्निपरीक्षा’ हिंदी में ‘छोटी सी मुलाकात’ (1967) नाम से बनाई। फिल्म नहीं चली।

हमारी याद आएगीः हमसे आया न गया तुमसे बुलाया न गया

अंग्रेजों की सेना छोड़कर गीतकार आनंद बख्शी, संगीतकार खय्याम और मदन मोहन फिल्मों में आए और अपना अलग मकाम बनाया। मदन मोहन ने ‘ये...

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