अजीत राय

अजीत राय के सभी पोस्ट 24 Articles

गोवा फिल्म फेस्टिवल 2017ः जादू जानती हैं लातिन अमेरिकी औरतें

भारत के 48 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह (गोवा) की समापन फिल्म ‘ थिंकिंग आॅफ हिम ’ भारत और अर्जेंटीना के साझा प्रयास से बनी...

गोवा फिल्म फेस्टिवलः कार्ल मार्क्स के जवानी के दिन

भारत के 48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह के विश्व सिनेमा खंड में दिखाई गई हैती के पूर्व संस्कृति मंत्री राउल पेक की फिल्म ‘दि यंग...

IFFI Goa 2017: यूरोपीय सभ्यता का दार्शनिक व्यंग्य

गोवा फिल्मोत्सव के विश्व सिनेमा खंड में दिखाई गई स्वीडन के रूबेन ओसलुंड की बहुचर्चित फिल्म ‘द स्क्वायर’ एक दार्शनिक व्यंग्य है जिसे कई...

गोवा फिल्म फेस्टिवलः क्रांतिकारी होना एक जीनियस फिल्मकार का

फिल्म ‘द आर्टिस्ट’ ( 2011) के लिए मुख्य वर्ग में कई आॅस्कर जीतनेवाले माइकेल हाजाविसियस ने 1967-68 के उथल-पुथल भरे पेरिस की पृष्ठभूमि में...

सत्तरवें कान फिल्म समारोह: मंटो-सच बोलने का साहस

मंटो का किरदार निभा रहे नवाजुद्दीन सिद्दिकी का कहना है कि मंटो सच बोलने का साहस देते हंै। हम सबके भीतर मंटो है, किसी...

कान फिल्म फेस्टिवल, इन द फेड: नस्ली हिंसा के खिलाफ आत्मघाती प्रतिशोध

दुनिया इस्लामी आतंक के दौर में जीने को मजबूर है तो फतिह अकीन 2017 में दस साल पुराने जर्मन नव नाजीवाद (2001-2007) को विषय...

स्त्री के कैमरा उठाते ही बदलने लगता है सिनेमा

जब कोई स्त्री कैमरा उठाती है तो सिनेमा बदलने लगता है। 70वें कान फिल्म समारोह के प्रतियोगिता खंड मे दो महिला निर्देशकों की फिल्में...

मनुष्य के उड़ने की इच्छा और संघर्ष

लाज्लो नेमेस की फिल्म ‘सन आॅफ साउल’ को पिछले साल आॅस्कर मिलने के बाद हंगरी का सिनेमा एक बार फिर फोकस में आया है।...

कान फिल्म समारोह में बढ़ी भारतीय पैठ

सत्तरवें कान फिल्म समारोह में भारतीय फिल्मों की गतिविधियों में खासा इजाफा हुआ है।

नायाब फिल्मों की यादें छोड़ संपन्न हुआ फिल्म समारोह

भारत के 47 वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह की समापन फिल्म किम जी वुन की दि एज आॅफ शैडोज, आॅस्कर अवार्ड के लिए भी नामांकित...

आधुनिक सिनेमा का मानवीय चेहरा

दुनिया में मनुष्य के सम्मान जनक जीवन और बचे हुए रिश्तों की खोज में विश्व सिनेमा उन गली-कूचों से गुजर रहा है जहां...

खाकी वर्दी में जारी जरायम का सिनेमाई दस्तावेज

भारतीय पैनोरामा की तमिल फिल्म विसारनई (इनवेस्टीगेशन) एकेडमी अवार्ड आॅस्कर के लिए विदेशी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फिल्म की श्रेणी मे भारत की आधिकारिक प्रविष्टि...

ऊंची जाति किस तरह करती है महिलाओं का शोषण उसे दिखती है जीवी अय्यर की फिल्म इष्टि

जी प्रभु ने जिस साहस और कलात्मकता के साथ फिल्म बनाई है वह काबिले-तारीफ है।

कान फिल्मोत्सव: स्वाभिमानी औरतों पर बनी फिल्मों का जलवा

कान में स्पेन के पेद्रो अलमदोर फिर मुख्य प्रतियोगिता खंड में अपनी नई फिल्म -‘जुलेटा’ के साथ आए हैं। उनका कहना है कि उनके...

कान फिल्मोत्सव : मानवीय करुणा ‘बिग फ्रेंड जायंट’ के साथ स्पीलबर्ग

सुप्रसिद्ध अमेरिकी लेखक रोअल्ड दहल के क्लासिक उपन्यास बीएफजी पर आधारित इस फिल्म को डिजनी ने पेश किया है जिसमें भारतीय कंपनी रिलायंस भी...

कान फिल्मोत्सव : ‘रमण राघव 2.0’ कातिल की कहानी और सिनेमाई गुणवत्ता

‘रमण राघव 2.0’ फिल्म साठ के दशक में मुंबई के सीरियल किलर रमण राघव की जीवनी नहीं है। यह उससे प्रेरित जरूर है...

कान फिल्मोत्सव: चर्चा में हैं साधारण लोगों की असाधारण कहानियां

कान फिल्मोत्सव के अन सर्टेन रिगार्ड खंड की शुरुआत मिस्र के मोहम्मद दियाब की फिल्म ‘क्लैश’ से हुई है जो विश्व सिनेमा में साहसिक...

कान फिल्मोत्सव में शामिल भारतीय फिल्मों का सच

प्रथम कान फिल्मोत्सव (1946) में चेतन आनंद की हिंदी फिल्म ‘नीचा नगर’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला था। दूसरी बार 1956 में सत्यजीत...

जस्‍ट नाउ
X