युवा आलोचक और लेखक आनंद पांडे को देवी शंकर अवस्थी सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान किसी युवा आलोचक की आलोचना-पुस्तक को हर वर्ष दिया जाता है। आनंद पांडे को उनकी पुस्तक ‘आशंकाओं के द्वीप में लघु मानव’ को देने का निश्चय किया गया है। जूरी में मृदुला गर्ग, अशोक वाजपेयी और पुरुषोत्तम अग्रवाल शामिल थे।
इस पुस्तक में युवा आलोचक आनंद पांडे ने विजय देव नारायण साही की कविता, आलोचना, निजी आत्ममन्थन के साथ उनके राजनीतिक जीवन और उससे उत्पन्न उधेड़बुन को रचनात्मकता के साथ चित्रित-विश्लेषित किया है।
अवस्थी-परिवार और रज़ा फ़ाउण्डेशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित 31वाँ देवीशंकर अवस्थी सम्मान 5 अप्रैल 2026 को रवीन्द्र भवन (नई दिल्ली) में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किया जायेगा। उस अवसर पर ‘साहित्य की स्वायत्तता और राजनीति’ विषय पर एक विचारगोष्ठी भी आयोजित है।
कौन थे देवीशंकर अवस्थी?
देवीशंकर अवस्थी का जन्म 5 अप्रैल 1930 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के गांव सथनी बाला खेड़ा में हुआ था। उच्च शिक्षा के लिए देवीशंकर अवस्थी कानपुर गये। वहीं वह हिन्दी विभाग में प्रिंसिपल नियुक्त हो गये। कानपुर से ही उन्होंने ‘कविता 1954’ का अजित कुमार के साथ संपादन किया। ‘कलजुग’ पत्रिका निकाली तथा युगचेतना, ज्ञानोदय, नयी कहानियाँ आदि पत्रिकाओं में आलोचनात्मक लेखन आरम्भ हो गया।
1961 से जनवरी 1966 तक देवीशंकर अवस्थी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे। 11 जनवरी 1966 को ही स्कूटर से अपने मित्र मुरली मनोहर प्रसाद सिंह के साथ दरियागंज से अपने घर माॅडल टाउन लौटते हुए वे दुर्घटनाग्रस्त हो गये और इलाज के बावजूद आइसीयू में दो दिन बेहोश रहने के बाद 13 जनवरी की सुबह उनका निधन हो गया। पढ़ें मार्गदर्शन: स्त्री की अंतरराष्ट्रीय पीड़ा, युद्ध, दर्द और वैश्विक नारीवादी आवाज
