Winnie the Pooh: यह सौ साल पहले की बात है। लेखक एए मिल्ने अपने बेटे क्रिस्टोफर राबिन मिल्ने के टेडी बीयर को देखते हैं। टेडी को लेकर बेटे की दोस्ती लेखक को भी रचनात्मक बना देती है। वे अपने बेटे के टेडी को एक प्यारे से दयालु चरित्र के रूप में ढाल देते हैं। मिल्ने एक चरित्र को अपने बेटे का नाम क्रिस्टोफर भी देते हैं।

क्रिस्टोफर पूह का जिगरी दोस्त है। जाहिर सी बात है कि इस भालू को भी शहद से बहुत प्यार होगा। शायद शहद की खुराक ही विनी द पूह के चरित्र को इतना मीठा बना देती है कि 1926 में अस्तित्व में आया यह चरित्र सौ साल बाद 2026 में भी बच्चों को प्यारी यादें देने में जुटा हुआ है।

विनी द पूह की सौवीं सालगिरह पर डिज्नी ने अपने संदेश में कहा कि पूह और उसके दोस्तों की कहानियां आज भी लोगों को छोटी-छोटी चीजों में खुशियां खोजने के लिए प्रेरित करती हैं। इस चरित्र के शोध से जुड़े केविन कर्न का कहना है कि विनी द पूह हमारी भावनाओं की अगुआई करता है। जिस तरह हम अपने आम जीवन में देखते, सोचते, संघर्ष करते हैं, यह भी वैसा ही करता है। यह बहुत सहजता से अनजाने में बड़ी बुद्धिमानी की बातें कर जाता है।

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विनी द पूह 1926 में पहली बार पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ था। इसके बाद 1928 में द हाउस एट पूह कार्नर प्रकाशित हुई थी। इसके मूल चित्रकार ईएच शेपर्ड थे। विनी द पूह की भोली-भाली जिंदगी अपने दोस्तों के प्यार पर टिकी हुई है। उसका कहना है कि अगर कोई दिन बिना दोस्तों के बिताना पड़े तो वह ऐसा ही खाली लगता है, जैसे कोई बर्तन हो लेकिन उसमें शहद की एक बूंद भी न हो। पिगलेट, टिग्गर, ईयोर, रबिट, आउल और क्रिस्टोफर राबिन जैसे प्यारे चरित्रों से विनी द पूह की टोली बनती है।

विनी की यह टोली खेल-खेल में दोस्ती, दया, सादगी और धैर्य की सीख देती जाती है। विनी द पूह की पुस्तक दुनिया भर की करीब पचास भाषाओं में अनूदित हुई है। दुनिया भर में इसकी लाखों प्रतियां बिकी हैं। 1960 के दशक में डिज्नी ने विनी द पूह के अधिकार प्राप्त किए। पूह पर बनाई डिज्नी की कार्टून शृंखलाएं दुनिया भर में खूब पसंद की गईं। डिज्नी के संस्करण में पूह लाल रंग की टीशर्ट पहनता है, जो उसकी पहचान बन गई।

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2018 में विनी द पूह के संस्करण की एक फिल्म चीन में प्रदर्शित हुई। शहद खाने वाले विनी की तुलना कई संदर्भों में शी जिनपिंग से की जाने लगी। जिनपिंग के इस तरह के चित्रण को अमेरिकी सोच बता कर यह चरित्र व्यवस्था विरोधी करार दे दिया गया। चीन में यह फिल्म प्रतिबंधित हो गई।खिलौना भालू और बच्चों का प्यार सदियों पुराना हो चुका है।

टेडी के हर रूप ने पीढ़ियों तक लुभाया है। विनी द पूह अपने दोस्तों से कहता है कि अगर कभी ऐसा हो कि हम अपने दोस्तों से बिछड़ जाएं तो तुम्हें हमेशा याद रखना चाहिए कि तुम खुद से भी ज्यादा बहादुर हो। प्यार और दया की भावना हमें बहादुर बनाती है, यह पूह का शताब्दी-संदेश है।