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कला और साहित्य

संगीत समीक्षा : सम का सबरंग सब रस

समारोह की परिकल्पना थी कि नारी के उद्यम, उसके सुख-दुख, आंसू और मुस्कान, हर्ष और विषाद को आमंत्रित कलाकार अपनी प्रस्तुतियों में रेखांकित करें।

प्रेम और विरह से संजोई नृत्य कथा

ओडिशी नृत्यांगना रंजना गौहर ने पिछले दिनों नई नृत्य रचना नल-दमयंती पेश की। उत्सव की ओर से आयोजित इस नृत्य समारोह को कई कलाकारों...

नृत्य में कान्हा के दिखे कई रूप

सत्रीय केंद्र और संगीत नाटक अकादमी की ओर से अंकीय भावना समारोह आयोजित की गई।

महोत्सव में देशी और विदेशी नाटकों का तड़का

फिलिपींस के नाट्य दल ‘तेत्रो गुइंदेगन’ की प्रस्तुति ‘पैच्ड’ चार कलाकारों द्वारा अभिनीत एक गैर-शाब्दिक प्रस्तुति थी जिसका लेखन व निर्देशन फेलिमोन ब्लैंको ने...

स्व. वसंत साठे की याद में संगीत सभा

लखनऊ के भातखंडे संगीत विश्व विद्यालय की उपकुलपति विदुषी श्रुति सडोलीकर जयपुर अतरौली घराने की प्रामाणिक गायिका हैं।

नृत्यः कलाओं का आमूर्त संसार

संस्कृति मंत्रालय और संगीत नाटक अकादमी अमूर्त सांस्कृतिक व कला धरोहर का संरक्षण कर रहे हैं। यूनेस्को मानता है कि संगीत, नृत्य और नाट्य...

संगीत : गुड़गांव उत्सव में कबीर बानी

कबीर से अपने सांगीतिक रिश्ते का राज खोलते हुए शुभा मुद्गल ने प्रस्तुति से पहले कहा कि कबीर के दोहों और साखियों से परिचय...

नृत्य : कथक के विविध रंग

कथक महोत्सव का आरंभ सरस्वती वंदना से हुआ। यह कथक केंद्र के कलाकारों की सामूहिक प्रस्तुति थी। समारोह में कथक नृत्य की पेशकश ऋचा...

नृत्य के नाट्य कथा पक्ष की प्रस्तुति

शास्त्रीय नृत्य के साथ नाट्यकला का समावेश रहता है। कलाकार पौराणिक कथाओं पर नृत्य अभिनय करते रहे हैं। नाट्य के अंतर्गत वाचिक, आंगिक, सात्विक...

संगीत : भीलवाड़ा सुर संगम में सजी सुरों की शाम

भारतीय संस्कृति और उसके उदात्त मूल्यों में विश्वास रखने वाले भीलवाड़ा उद्योग समूह ने शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की...

बनारसी परंपरा को बनाए रखने की कोशिश

बनारस में बौद्धकाल के दौरान बौद्धिक समाज प्रकृति के आंगन में इकट्ठा होकर नृत्य, संगीत, काव्य और नाट्य का आनंद लेता था। इसे समज्जा...

कथक में बहुरंग और प्रकृति का चित्रण

पिछले दिनों दिल्ली में नृत्य समारोह के आयोजन में प्रसार भारती अभिलेखागार की ओर से डीवीडी ‘पंडित बिरजू महाराज का कथक’ का लोकार्पण किया...

संगीत समीक्षा : पियानो और बांसुरी की जुगलबंदी

युवा पियानोवादक अरविंद वर्मा के एकल पियानोवादन में भीमिली और ऋतेश प्रसन्न की बांसुरी के साथ जुगलबंदी भी था।

नृत्य समीक्षा : वसंतोत्सव में कथक की धूम

लखनऊ घराने के नर्तक व गुरु पंडित राममोहन महाराज ने भजन से नृत्य आरंभ किया। स्वरचित भजन ‘हे बृजमोहन शरण में आया’ में भावों...

संगीत : वायलिन और गायिकी का सुंदर समन्वय

इस अवसर पर संस्था की वार्षिक पत्रिका कला-प्रवाह का प. बिरजू महाराज, डा. शन्नो खुराना और विदुषी सुमित्रा गुहा के हाथों विमोचन हुआ।

कला : चित्रों में विविधता का उत्सव

सतीश चित्रकार, मूर्तिकार, वास्तुकार और भीत्तिचित्रकार भी हैं। इस प्रदर्शनी में उनकी 70 से अधिक मौलिक कलाकृतियां हैं।

नृत्य रचना में पुरुष प्रधान व्यवस्था पर चोट

करीब चालीस साल पहले डा किरण सेठ ने स्पीक मैके की नींव रखी थी। कुछ कलाकारों और बुद्धिजीवियों के सहयोग से यह सांस्कृतिक मिशन...

18 वां भारंगम : प्रथम चरण : बर्बरता और मानवीय संवेदनाओं का सूक्ष्म रेखांकन है ‘डियर चिल्ड्रन, सिंसियरली’

‘डियर चिल्ड्रन, सिंसियरली’ की नाटककार व निर्देशक हैं रुवान्थी दे चिकेरा। उनका यह नाटक तीन चरणों में मानवीय बर्बरता और संवेदनाओं का सूक्ष्म रेखांकन...