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कला और साहित्य

किताबें मिलीं: ‘रेत समाधि’, ‘दंतक्षेत्र’ और ‘फिर… और फिर’

बस्तर संभाग का सर्वाधिक चर्चित जिला दंतेवाड़ा, मुख्य रूप से दंडामि माफियाओं की भूमि, जिसकी सदियों से पहचान गौर सींग मुकुट तथा नृत्य रहे...

भूले बिसरे साज

किसी भी सभ्यता और संस्कृति के लिए उसकी सांस्कृतिक गतिविधियां जरूरी हैं और इसके लिए आवश्यक है संगीत। संगीत या तो कंठ पर निर्भर...

किताबें मिलीं: ‘बाजार के अरण्य में’, ‘प्रयोग चंपारण’ ‘दृश्यांतर’ और ‘राग-विराग और अन्य कहानियां’

अच्युतानंद मिश्र की इस पुस्तक की मूल प्रतिज्ञा आज के पूंजीवाद-निर्मित समाज को मार्क्सवाद से अनुप्राणित चिंतकों के संदर्भ से विश्लेषित करना है।

किताबें मिलीं: ‘उंगलियों में परछाइयां’, ‘समाजवाद की समस्याएं’ और ‘मैं हूं बबली- एक लड़की’

स्त्री और पुरुष के लिए बराबर बनाई गई दुनिया में, स्त्री के अपने हिस्से में आई असमानता को समानता में बदलने का प्रयास करने...

ललित प्रसंग: बूड़ती हुई विरासत

हमारी विरासत बूड़ रही है, बूड़ती जा रही है, हम हैं कि चाय की चुस्कियां लेते अपनी विरासत के बूड़ने का समाचार सुन रहे...

कहानी: ‘किनारे पर खड़ी लड़की’

उत्तर में ठंडे अंदाज में पतली-दुबली लड़की के शब्द थे- ‘आई विल एप्रीशिएट दिस।’

कविताएं: ‘विश्वास’ और ‘गुहार’

शोभा सिंह की कविताएं

छोटी फिल्में, बड़ी कामयाबी

बच्चों के साथ बढ़ते यौन शोषण को एक गंभीर समस्या के तौर पर लेते हुए नेशनल काउंसिल ऑफ एजुके शन रिसर्च एंड ट्रेनिंग ने...

जड़ों से कटने का नतीजा

इधर हिंदी में जो नए लेखक आ रहे हैं, वे बहुत पढ़े-लिखे हैं और ज्ञान के दूसरे अनुशासनों से संबद्ध हैं। वे ज्ञानी तो...

चर्चा: जैसे सोता सूख गया हो

अपनी विकास यात्रा के समकालीन पड़ाव पर आकर साहित्य सृजन की आंतरिक गति ही कहीं टूट गई है। जीवन के व्यापक और गहरे भाव-संवेदना...

किताबें मिलीं: ‘ताजमहल- छ: फिट नीचे’, ‘कनस्तर में गंगा’, ‘खुद से कई सवाल’ और ‘शिक्षा-परीक्षा और प्रधानमंत्री’

ताजमहल निस्संदेह सौंदर्य और भव्यता का प्रतीक है। पर क्या वह वास्तव में प्रेम का सही प्रतीक भी है? ‘ताजमहल : छ: फिट नीचे’...