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कला और साहित्य

किताबें मिलीं: ‘साहस और डर के बीच’, ‘समय के तलघर में शब्द’, ‘बांझ सपूती’ और ‘नागार्जुन दिल्ली में’

नरेंद्र मोहन की डायरी- साहस और डर के बीच- ऐसे ही अनुभव-क्षणों का कोलाज है- सच की टेक पर बिना डरे कला-संरचनाओं, साहित्य, समाज...

कला संस्कृति: चरखे के सम्मान में नृत्य समारोह

इस प्रस्तुति की पराकाष्ठा बंकिमचंद्र की अमर रचना ‘वंदे मातरम’ पर आधारित थी। इसमें सभी नृत्य शैलियों की नृत्यांगनाओं ने एक साथ भारत माता...

DSC Prize 2018: पुरस्कार के लिए 16 किताबों की सूची जारी, 4 अनुवाद और 2 डेब्यू उपन्यास भी शामिल

दक्षिण एशियाई साहित्य के लिए दिए जाने वाले प्रतिष्ठित डीएससी पुरस्कार के लिए इस साल 16 किताबों को लॉन्गलिस्ट कर लिया गया है।

विमर्शः साहित्य और वास्तुकला के अंतर्संबंध

साहित्य समय के अनुसार अपना स्वरूप बदलता है। इसलिए भिन्न कालखंडों में लिखे गए साहित्य का उसकी प्रकृति के अनुसार वर्गीकरण किया जाता है।...

कहानीः खूंटे से आजाद होती नाव

जीवन एक संघर्ष है, पापा इसे मान कर चलते थे। अपने लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। वे चाहते तो कार से ऑफिस जा सकते...

कविताः मेरे राजहंस हो तुम

डॉ. सांत्वना श्रीकांत की कविता।

नन्ही दुनिया: कहानी- मैं भी भैया जैसी…

देवेंद्र कुमार की कहानी - मैं भी भैया जैसी..

विमर्शः साहित्य का भविष्य, भविष्य का साहित्य

इन दिनों जो साहित्य दुनिया की भाषाओं में लिखा जा रहा है, और जिससे हम कमोबेश परिचित हैं, वह कलाओं के साथ एक सहकारी...

कहानीः आग

नंदकिशोर नंदन की कहानी - 'आग'

चर्चाः मकसद से भटकती गोष्ठियां

सेमिनारों की अराजक स्थिति का सबसे बुरा प्रभाव सामान्य श्रोताओं पर पड़ा है। श्रोताओं की स्वत: स्फूर्त भागीदारी अब धीरे-धीरे समाप्त हो रही है।...

चर्चाः संगोष्ठियों का सच – साहित्य-चिंता का नया संदर्भ

साहित्य के क्षेत्र में निरंतर सृजनात्मक विकास को गतिशील करने के लिए सेमिनार-गोष्ठियों का महत्त्व निर्विवाद है। बशर्ते इसे ठीक से संपन्न किया जाए।...

कविताः मैं देख सकती हूं तुम्हें

डॉ. सांत्वना श्रीकांत की कविता

प्रसंगः आधुनिक चेतना का विकास और भारतेंदु

भारतेंदु अपने युग की चेतना के अनुरूप परिवर्तित हो रहे साहित्यिक मूल्यों, प्रतिमानों और उद्देश्यों को ध्यान में रख कर कविता में नए भावबोध...

कविताः नदी स्त्री है

नीरज नीर की कविता

कविताः लव का लैम्पपोस्ट

संजय स्वतंत्र की कविता