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कला और साहित्य

प्रसंगः प्रेमचंद की प्रासंगिकता

प्रेमचंद आधुनिक हिंदी साहित्य की चेतना रूपांतरण के बड़े लेखक हैं। उन्होंने अपने परवर्ती लेखकों का मानस विस्तार कर सर्वाधिक प्रभावित किया।

बिसरती गायकी विधाएं

गायन की अनेक विधाएं अब लुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसा नहीं कि अब उन्हें सुनने वाले नहीं रहे, बल्कि आधुनिक शैलियों के...

किताबें मिलीं: अतीत का दरवाजा, मेरी दृष्टि तो मेरी है, खजाना और सच, समय और साक्ष्य

अपने यात्रा वृत्तांतों से हिंदी में एक नई शुरुआत करने वाले असगर वजाहत अपने आपको सामाजिक पर्यटक या सोशल टूरिस्ट कहते हैं

किताबें मिलींः नए समय का कोरस

आज के नौनिहाल हर क्षेत्र में महारत हासिल कर रहे हैं, पर उनकी ओर सीना फुला कर देखने वाले नहीं देख पाते कि उनकी...

राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हुए ‘पद्मभूषण’ गोपालदास नीरज

लोकप्रिय कवि एवं गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास 'नीरज' का अंतिम संस्कार शनिवार को यहां के नुमाइश मैदान के करीब स्थित मुक्तिधाम में राजकीय सम्मान...

कविताएंः अंतिम इच्छा जैसा कुछ भी नहीं है

दिनेश कुश्वाह की कविताएं

किताबें मिलींः ‘वाशिंदा @ तीसरी दुनिया’, ‘देह ही देश’, ‘उन्हीं में पलता रहा प्रेम’ और ‘भोर’

इस पुस्तक में क्रोएशिया प्रवास की घटनाएं और आख्यान हैं। इतिहास के प्रमुख नायक और नायिकाएं आपको इसमें कहीं नहीं मिलेंगे।

कविताः तपती दुपहरी में गुलमोहर तुम

संजय स्वतंत्र की कविता

शख्सियत: गुरुदत्त

प्यासा’, ‘साहब बीबी और गुलाम’, ‘चौदहवीं का चांद’ जैसी फिल्मों से अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके गुरुदत्त बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। मनमौजी...

कहानीः कबूलनामा

अगर साहित्य का कहीं गिरजाघर होता, तो मैं कभी का कन्फेशन कर लेता। कहीं और मुझे वह बात नजर नहीं आती है, जो गिरजाघर...

स्मृति: कविता का विस्तृत और विश्वसनीय संसार

नागार्जुन ने अपनी एक कविता में स्वयं को ‘तरल आवेगों वाला हृदयधर्मी जनकवि’ कहा है। उनका यह कथन एक ऐसे समय में सुनाई पड़ता...

पंख खोने की सनक

समाज में आधुनिकता आ गई। लोगों की आत्म-चेतना जाग गई। पर आधुनिक और आत्म-सजग हुए लोगों पर परंपरा-ध्वंस की ऐसी धुन सवार हुई कि...

किताबें मिलीं: ‘कलम के सेनापति’, ‘भोर के अंधेरे में’ और ‘भारतीय मुसलमान: इतिहास का संदर्भ’

परिचित पत्रकार और संपादक आलोक मेहता की पुस्तक ‘कलम के सेनापति’ भारतीय पत्रकारिता की भीतरी दुनिया का वह दर्पण है, जिसमें हम सन 1970...

विज्ञान और जीवन: अमरता की खोज

अमरता की संभावना ने एक ओर उत्कट उत्तेजना, तो दूसरी ओर धर्म, दर्शन और नीतिशास्त्र जैसे कई क्षेत्रों में व्याकुलता भी पैदा कर दी...