Kiss That Frog Book Review: अगर आप अपनी ज़िंदगी में नेगेटिव अनुभवों, टॉक्सिक लोगों या बार-बार की असफलताओं से निराश महसूस कर रहे हैं, तो ब्रायन ट्रेसी और उनकी बेटी क्रिस्टीना ट्रेसी की किताब ‘किस दैट फ्रॉग’ आपके लिए मददगार साबित हो सकती है। यह किताब सिखाती है कि माफ़ी के ज़रिये हम अपनी ज़िंदगी को कैसे हल्का और आसान बना सकते हैं।
इससे पहले ब्रायन ट्रेसी ने ‘ईट दैट फ्रॉग’ लिखी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि मेंढक हमारी ज़िंदगी की चुनौतियों का प्रतीक हैं और सबसे कठिन काम सबसे पहले करने से सफलता का रास्ता खुलता है। ‘किस दैट फ्रॉग’ इमोशनल और साइकोलॉजिकल लेवल पर आगे बढ़ने की सीख देती है।
मेंढक का क्या मतलब है?
किताब का टाइटल एक परी-कथा से लिया गया है- जहाँ राजकुमारी मेंढक को किस करती है और वह राजकुमार बन जाता है। यही रूपक यहाँ इस्तेमाल किया गया है। किताब कहती है कि ज़िंदगी की समस्याओं, दर्द और नेगेटिव अनुभवों से भागने के बजाय अगर हम उन्हें स्वीकार करें और उनसे सीखें, तो वही चीज़ें हमारी सफलता का रास्ता बन सकती हैं।
माफी की अहमियत
यह किताब हमें माफ़ी की प्रक्रिया सिखाती है। सबसे पहले खुद को, फिर अपने माता-पिता को, अपने पार्टनर और दोस्तों को, और अंत में उन सभी लोगों को जिन्होंने कभी हमारा दिल दुखाया हो। पढ़ते हुए कई जगह ऐसा लगा जैसे किताब मेरे सवालों का जवाब दे रही हो।
आपकी ज़िंदगी का मेंढक कौन है
किताब के अनुसार, ज़िंदगी के नेगेटिव एक्सपीरियंस, टॉक्सिक लोग और असफलताएँ “मेंढक” हैं। इनसे भागने की बजाय इन्हें स्वीकार करके खुद को ट्रांसफॉर्म करना ही असली ग्रोथ है।
‘किस दैट फ्रॉग’ हमारा माइंडसेट इवॉल्व करती है। जब हमारे साथ कुछ गलत होता है, तो हम अक्सर पूछते हैं- “मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ?” लेकिन किताब कहती है कि इससे ज़्यादा ज़रूरी सवाल है- “अब मैं क्या कर सकता हूँ?”
किताब हमें समझाती है कि दुख किसी घटना से नहीं, बल्कि उस घटना पर लगातार सोचते रहने से बढ़ता है। इसी पैटर्न को तोड़ना ज़रूरी है।
किताब हमें अपने इमोशन्स पर मास्टरी करना सिखाती है। जिसमें बताया गया है कि गुस्सा, डर और गिल्ट हमारे कंट्रोल से बाहर नहीं हैं। सिचुएशन चाहे जैसी भी हो, उसपर हमारा रिएक्शन हमारी चॉइस है।
हर मेंढक को किस करना जरूरी नहीं
यह किताब यह भी साफ़ करती है कि हर मेंढक को किस करना ज़रूरी नहीं। कुछ लोगों और सिचुएशन्स से दूरी बनाना भी सेल्फ-रिस्पेक्ट है।
‘किस दैट फ्रॉग’ पास्ट को रिलीज़ करने पर ज़ोर देती है। ये कहती है कि अगर आप अतीत को पकड़े रहेंगे, तो भविष्य को ब्लॉक कर देंगे। माफ़ी दूसरों के लिए नहीं, बल्कि खुद की शांति के लिए ज़रूरी है।
किताब हमें लिखने की आदत डालने को कहती है, साथ ही ग्रैटिट्यूड, सेल्फ टॉक की अहमियत भी समझाती है।
यह बताती है कि समस्याएं ज़िंदगी का अंत नहीं होतीं, बल्कि वही ज़िंदगी का टर्निंग पॉइंट बनती हैं। जो चीज़ आज आपको तोड़ रही है, वही कल आपकी सबसे बड़ी ताक़त बन सकती है।
माफी का मतलब गलती जस्टिफाई करना नहीं
हमारे मन में सवाल आता है कि कोई हमारे साथ बहुत गलत करे तो हम उसे कैसे माफ कर सकते हैं, मगर किताब साफ करती है कि माफ़ करने का मतलब गलत को जस्टिफाई करना नहीं है बल्कि माफ़ी गुस्से और बोझ से खुद को आज़ाद करना है- जो हमारी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मेंढक बन चुका होता है।
किताब हमसे पूछती है कि अपनी जिंदगी के मेंढक को पहचानो और माफ करना सीखो, जब आप माफ करेंगे तो देखेंगे कि आपकी जिंदगी का मेंढक राजकुमार बन गया है।
कौन पढ़ सकता है यह किताब?
जो लोग अतीत में अटके हुए हैं, पुराने ज़ख्मों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, या पर्सनल ग्रोथ और मानसिक शांति की तलाश में हैं- उनके लिए यह किताब बेहद उपयोगी है।
किताब के निगेटिव प्वाइंट्स
‘किस दैट फ्रॉग’ हमें सिखाती है कि जब हम माफ़ करना सीख जाते हैं, तो ज़िंदगी हल्की लगने लगती है। मगर ये लगभग हर समस्या का हल माफी बता देती है जो हर परिस्थिति में संभव नहीं है- एब्यूज, ट्रॉमा या टॉक्सिसिटी झेल रहे लोग सिर्फ माफ करके हर समस्या से बाहर नहीं निकल सकते हैं।
अगर आपने ट्रॉमा या डीप इमोशनल हीलिंग पर पहले ही किताबें या रिसर्च पढ़ ली हैं तो ये आपको सरफेस-लेवल की किताब लग सकती हैं।
इन कमियों के बावजूद ये एक प्रैक्टिकल बुक की तरह है जिसे फॉलो करके आप अपनी ज़िंदगी आसान बना सकते हैं।
लेखक के बारे में
ब्रायन ट्रेसी (Brian Tracy) एक प्रसिद्ध कनाडाई-अमेरिकी मोटिवेशनल स्पीकर, लेखक हैं। वे ‘ब्रायन ट्रेसी इंटरनेशनल’ के अध्यक्ष और सीईओ हैं, जो व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता के लिए सेमिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है। उन्होंने 80 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें ईट दैट फ्रॉग! (Eat That Frog!) और नो एक्सक्यूज! (No Excuses!) बहुत लोकप्रिय हैं। वहीं क्रिस्टीना ट्रेसी उनकी बेटी हैं और खुद भी कई किताबें लिख चुकी हैं।
156 पेज की ये किताब हिंदी में भी उपलब्ध है। इसे Harper Hindi पब्लिशिंग हाउस से पब्लिश किया गया है।
