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प्रवीणता की प्रतीक्षा बेकार, तुरंत शुरू करें प्रयास

कई लोग प्रवीणता हासिल करने के इंतजार में चलना ही शुरू नहीं करते हैं और समय उनके हाथ से रेत की तरह निकल जाता है। प्रवीणता एक प्रक्रिया है जो लक्ष्य की ओर से बढ़ते वक्त धीरे-धीरे आती है।

jansatta feature storyअपने लक्ष्य को पाने के लिए सतत प्रयास करते रहना चाहिए। (फोटो- जनसत्ता)

हम अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए शानदार शुरुआत चाहते हैं। हम चाहते हैं कि हम रातों रात स्टार बन जाएं। हम जल्द से जल्द बेहतर तरीके से अपने लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं। लेकिन हर कार्य में समय लगता है और समय के साथ-साथ चीजें बेहतर होती चली जाती हैं। इसलिए सफलता की सबसे बड़ी कुंजी जल्द से जल्द सफलता की राह पर चलना शुरू करना है।

कई लोग प्रवीणता हासिल करने के इंतजार में चलना ही शुरू नहीं करते हैं और समय उनके हाथ से रेत की तरह निकल जाता है। प्रवीणता एक प्रक्रिया है जो लक्ष्य की ओर से बढ़ते वक्त धीरे-धीरे आती है। इसलिए प्रवीणता की प्रतीक्षा करने से बेहतर की सफलता के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिए जाएं। कई बार हम सिर्फ सोचते ही रह जाते हैं और अन्य लोग जल्दी शुरुआत की वजह से हमसे काफी आगे निकल जाते हैं।

जब प्रवीणता बनती है सबसे बड़ी दुश्मन : जब हमारे दिमाग में कोई नया विचार आता है तो उससे संबंधित सभी जानकारी हमारे पास उपलब्ध नहीं होती हैं। हमारे दिमाग में अपने विचार को लेकर कई संदेह भी होते हैं और इसके बाद हम प्रवीणता के साथ ही उस विचार पर काम करना चाहते हैं। यहां प्रवीणता आपकी राह में दुश्मन बनकर आपको आगे बढ़ने से रोकती है। जरा सोचिए! लक्ष्य की ओर पहला कदम उठाने में ही हमने कितनी दर लगा दी। ऐसे में हम लक्ष्य तक कैसे पहुंचेंगे। इसलिए जल्द से जल्द शुरुआत करना बेहद आवश्यक है।

प्रवीणता या पूर्णता जैसा कुछ नहीं होता है : हमारे जीवन में प्रवीणता या पूर्णता जैसा कुछ नहीं होता है। आज तक जितने भी लोग सफल हुए। चाहे वे किसी भी क्षेत्र के क्यों न रहे हों। उनमें कोई न कोई कमी जरूर रही है। कोई भी व्यक्ति प्रवीणता या पूर्णता के करीब तो हो सकता है, प्रवीण या पूर्ण नहीं। पूर्णता के करीब भी हम अपने अनुभवों के सहारे पहुंचते हैं और अनुभवों को हासिल करने के लिए हमें प्रयास करने होंगे। इसलिए जितनी जल्द हो सके लक्ष्य प्राप्त करने की राह पर चलना शुरू करें और सफलता प्राप्त करें।

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