अंकल सैम काफी मग को साइड में रख कर मानो कुछ सोच रहे थे। उनकी मां ने खाने के लिए उन्हें कई बार आवाज लगाई, मगर उन पर कुछ असर ही नहीं हो रहा था। आखिरकार खाना लेकर उनकी मां खुद ही अंदर आईं। साथ में था जैक, जो अंकल सैम से मिलकर बहुत खुश होता था, वो वहीं पास में रहने वाले मिस्टर विक्टर का बेटा था।
जैक को अंकल सैम बहुत पसंद थे, क्योंकि अंकल सैम एक वैज्ञानिक थे, अपने विज्ञान के सभी प्रश्नों का उत्तर सैम अंकल के पास जाकर उसे मिल जाता था। जैक, अंकल सैम की तरह बड़ा वैज्ञानिक बनना चाहता था। आज अंकल को यूं सोच में डूबा देख कर उसका मन भी थोड़ा विचलित हुआ। उनकी मम्मी ने दुखी होकर जैक से बोला, तुम शायद इससे कुछ पूछ पाओ तो पूछो, मुझे तो ये कुछ भी नहीं बताना चाहता है। ऐसे में मैं इसकी क्या मदद कर सकती हूं?
थोड़ी ही देर में अंकल अपनी मम्मी को दो कप काफी लाने को कहते हैं। जैक नौवीं कक्षा में पढ़ता था, इसलिए वो समझ जाता है कि कुछ गड़बड़ है।जब वो अंकल सैम से उनके इस बर्ताव का कारण पूछता है, तो वो कहते हैं कि मैं काफी दिनों से एक विषय पर काम कर रहा हूं। अगर वो सफल हो जाता है तो हम दुनिया को एक नई दिशा में ले जा सकते है।
ये बात किसी को भी मत बताना, मैं सिर्फ तुम्हें बता रहा हूं। मेरे एक दोस्त को जरूर ये बात पता है, लेकिन वो मेरा काफी विश्वसनीय है। मैं एक ऐसी मशीन विकसित कर रहा हूं जो किसी भी वाहन को वनस्पति तेल से चला सकती है।
जैक तपाक से बोला, ‘तो अंकल, हमें पेट्रोल की जरूरत ही नहीं रहेगी। लेकिन अंकल इतनी अच्छी बात पर आप इतने परेशान क्यों हैं?’ ‘बेटा, समस्या ये है कि इसके लिए मुझे दो दिन के लिए बाहर जाना पड़ेगा। घर पर मेरी परियोजना का सामान पड़ा हुआ है, कहीं वो इधर-उधर नहीं हो जाए। मेरी मां अल्जाइमर की मरीज हैं, वो हर चीज भूल जाती हैं, उनकी देखरेख कौन करेगा? इसलिए मैं बहुत परेशान हूं’।
जैक तपाक से बोलता है, ‘अंकल इसमें परेशान होने वाली क्या बात है? आपके घर की और दादी की, सबकी चिंता आप मुझ पर छोड़ दें। आप आराम से जाइए।’ इधर अंकल अपने काम के लिए घर से बाहर निकलते हैं उधर वो अपनी मम्मी से पूछकर अपना सामान लेकर अंकल के घर रहने आ जाता है। सैम अंकल के पुस्तकालय में विज्ञान से जुड़ी बहुत सारी किताबें थीं, जिन्हें देखकर वो सोचता है कि मैं बैठे-बैठे इनको पढ़ लूंगा। फिर वो अंकल के प्रयोग को देखने के लिए प्रयोगशाला की तरफ जाने लगता है। जैसे ही वो दरवाजे के करीब पहुंचता है, अजीब-सी फुसफुसाहट की आवाज उसे सुनाई देती है।
वो सोचता है कि जब घर में कोई भी नहीं है, मेरे और दादी के सिवाय तो फिर इस वक्त प्रयोगशाला में कोई क्या कर रहा है? उसे शक होता है। वो अपने कानों को दरवाजे से सटा देता है। वो इन आवाजों को पहचानता था। आवाज तो अंकल सैम के साथ विश्वविद्यालय में काम करने वाले प्रोफेसर जान की है। जान किसी एक आदमी से कह रहा है कि जल्दी से परियोजना को चुराओ और भागो। दूसरा आदमी बोलता है कि मजा आ गया। इसके लिए आपको एक करोड़ रुपए मिलेंगे और मुझे भी इनाम मिलेगा।
जैक धीरे से प्रयोगशाला का दरवाजा बंद कर देता हैै। फिर वो बाहर की ओर जाता है और सारी खिड़कियों को बाहर से बंद कर देता है। इतने में सैम अंकल की मम्मी आ जाती है तो वो उन्हें भी चुपचाप इशारे से बाहर ले जाता है। अंकल की मम्मी पुलिस को फोन कर देती है। जैक अंकल को फोन कर देता है। उधर दरवाजा न खुलता देख कर जान अंकल समझ जाते हैं कि वो पकड़े गए हैं। अंदर बिल्कुल घनघोर सन्नाटा छा जाता है। पुलिस आ जाती है।
पुलिस अंकल जान को परियोजना के साथ रंगे हाथों पकड़ लेती है। इतने में अंकल सैम भी वहां पहुंचते हैं। पूरी कालोनी के लोग खड़े-खड़े तमाशा देख रहे होते हैं। अंकल सैम, जान अंकल को कहते हैं कि मैंने तुम्हें परियोजना के बारे में बताकर बहुत बड़ी गलती की। अभी तो मैं घर से निकला ही था। तुमने मेरी अनुपस्थिति का फायदा उठाना चाहा।
तुम मेरे दोस्त बनते हो, लेकिन तुमने मेरे साथ विश्वासघात किया। वो तो अच्छा हुआ, जैक ने तुम्हें ऐसा करते हुए देख लिया, नहीं तो मेरे बरसों की मेहनत पर पानी फिर जाता। मेरे जीवन-भर का सपना चकनाचूर हो जाता और इसमें तुमने कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ी थी।
जान अंकल नजरें झुका लेते हैं। पुलिस वाले सैम अंकल का सामान उन्हें लौटा देते हैं। साथ ही, घर की सुरक्षा के लिए हिदायत भी देते हैं। पुलिस वालों के सामने जान अंकल खिड़की के रास्ते अंदर जाना कबूल कर लेते हैं। जैक के मम्मी-पापा को अंकल सैम शुक्रिया अदा करते हैं। पूरी कालोनी जैक की होशियारी की तारीफ करती है।
वो खुश था क्योंकि उसने एक तो अंकल का नुकसान होने से बचाया, साथ ही उसके माता-पिता को उसके ऊपर गर्व करने का अवसर दिया था। जीवन वापस अपनी पटरी पर आ जाता है और सैम अंकल अपनी परियोजना में लग जाते हैं। जैक अपनी पढ़ाई में लग जाता है। आज भी कालोनी के लोग जैक की साहसिक कहानी को सुनाते हैं और उसकी प्रशंसा करते हैं।
