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अमान और अयान की अमेरिकी वायलिन वादक एल्मीरा के साथ संगत

सरोद कलाकार अमान और अयान अली खान ने यहां आयोजित एक कन्सर्ट में ग्रैमी के लिए नामांकित अमेरिकी वायलिन वादक एल्मीरा दार्वेरोवा के साथ प्रस्तुति दे कर दर्शकों को अभिभूत कर दिया।

Author नई दिल्ली | February 7, 2016 11:19 PM
अमान और अयान अली खान। (फाइल फोटो)

सरोद कलाकार अमान और अयान अली खान ने यहां आयोजित एक कन्सर्ट में ग्रैमी के लिए नामांकित अमेरिकी वायलिन वादक एल्मीरा दार्वेरोवा के साथ प्रस्तुति दे कर दर्शकों को अभिभूत कर दिया। ‘सोल स्ट्रिंग्स’ नामक यह कन्सर्ट रागों पर आधारित था। वास्तव में यह एक अलबम है जिसकी संगीत रचना उस्ताद अमजद अली खान ने की है। यह अलबम पिछले साल सितंबर में न्यूयार्क में रिलीज किया गया था। संगीत की पूरी तरह अलग पृष्ठभूमि से आने वाली एल्मीरा के लिए यह सीखने वाला अनुभव था।

उन्होंने कहा ‘यह रोमांचकारी अनुभव था। यह पूरी तरह आनंद या सिर्फ सम्मान नहीं बल्कि दुनिया के सर्वाधिक प्रतिष्ठित सरोद वादकों के साथ सामंजस्य का सौभाग्य है। एक साल पहले मैंने जब से उनके साथ तालमेल शुरू किया है, मेरा अनुभव सीखने वाला ही रहा है।’

एल्मीरा ने होटल ताज मान सिंह में हाल ही में आयोजित कन्सर्ट से अलग बताया, ‘मैंने अभिभूत कर देने वाले भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में बहुत कुछ सीखा है। इसकी प्रणाली, विरासत, प्रचुरता और यह तथ्य कि वे सरोद बजाने वाली सातवीं पीढ़ी हैं …बताता है कि जड़ें कितनी गहरी हैं। इससे पता चलता है कि भारतीय शास्त्रीय संगीत की संगीत प्रणाली कितनी जटिल है। कैसे यह अपनी निरंतरता बनाए रखती है और कैसे यह इतनी करिश्माई बनी हुई है।’

ऑपेरा, सिम्फनी और चैंबर म्यूजिक की परंपरा खान बंधुओं के लिए पूरी तरह अलग है जबकि अमेरिकी वायलिन वादक एल्मीरा इनसे अच्छी तरह परिचित हैं। वह कहती हैं, ‘सब कुछ अलग है और जब हम अपने संगीत के माध्यम से अपनी संस्कृतियों को करीब लाते हैं तो एक नया ही रूप सामने आता है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत डरी हुई थी क्योंकि मेरे लिए यह बिल्कुल नया था और मैं इसके बारे में कुछ भी नहीं जानती थी। लेकिन धीरे धीरे मेरा डर दूर होता गया और मैंने नई चीजें सीखीं। इसने मुझे अभिभूत कर दिया।’

दूसरी ओर सरोद कलाकारों अमान और अयान के लिए यह चुनौती के बजाय जिम्मेदारी वाली बात है जहां उन्हें पार्टनरशिप का कौशल दिखाना पड़ा। अमान ने कहा, ‘हमें कोई चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा। यह जिम्मेदारी है क्योंकि अच्छा कन्सर्ट केवल आपके कौशल को ही जाहिर नहीं करता बल्कि यह दूसरे व्यक्ति को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करता है। एक बार तालमेल बन जाए तो कन्सर्ट शानदार होता है। हम पर कोई दबाव नहीं था बल्कि यह बहुत ही अच्छा अनुभव था।’

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