कला और साहित्य

राजा-प्रजा में विकसित समझदारी से टल जाते हैं बड़े से बड़े संकट

महापुरुषों की विराट राष्ट्रीय चेतना को संकीर्णता के दायरे में न समेटें, बता रहे हैं यूपी के संस्कृति विभाग के विशेष सचिव डॉ दिनेश...

आधुनिक कन्नड़ साहित्य के पुरोधा मास्ति वेंकटेश अय्यंगार

सृजन और संवेदना के बीच रचनात्मकता के कई बहुमूल्य प्रयोग करने वाले मास्ति का साहित्यिक नाम ‘श्रीनिवास’ है और इसी नाम से उन्होंने अपना...

स्त्री के मौन से निकला महाभारत

मुकेश भारद्वाज की नई किताब 'सत्ता का मोक्षद्वार : महाभारत' (वाणी प्रकाशन) की समीक्षा पढ़िए।

बेटी से संसार

ना तड़प ना तलाश ना प्यास ना अंधविश्वास, न मैं ना तुम बस हम ही हम। इजहार जब, इकरार तब प्यार अब खास सब,...

द लास्ट कोच: ऐ दिल-ए-आवारा चल…

नीलाभ को एक संत की बात याद आ रही है। उन्हें किसी आयोजन में सुना था। वे कह रहे थे, आपके चेहरे की प्रसन्नता...

विरक्त मन और कुंभन

कुंभनदास की पगड़ी फटी हुई थी, कपड़े मैले थे। फिर भी वे इस आत्मग्लानि में डूब रहे थे कि किस पाप के कारण उन्हें...

नफरत एक और महामारी

कोरोना बढ़ने के बाद एफबीआइ ने इस बात की चेतावनी दी थी कि एशियाई मूल के लोगों पर हमले बढ़ेंगे। लेकिन नस्लीय हमले अब...

शब्दों के संदर्भ

दरअसल, शब्द का अर्थ संदर्भ, परिस्थिति, आशय और अंदाज पर निर्भर करता है। सीधी सपाटबयानी का लोग आम जीवन में उपयोग करते हैं। सामाजिक...

वृक्ष है मानव जीवन यात्रा का अभिन्न अंग

जन्म के बाद से मृत्यु पर्यंत व्यक्ति भरपूर पेड़ों का उपयोग करता है किंतु वह कितने पेड़ जीवन में लगाता है, यदि इसका हिसाब...

पंचशील उपदेश: चिंतनमूलक है बौद्ध दर्शन

बुद्ध के देशनाओं (उपदेश) के अनुसार पंचशील के अनुष्ठान एवं दार्शनिक ज्ञान के अभ्यास से निर्वाण प्राप्त होता है। गौतम बुद्ध ने अपने अनुयायियों...

संत योद्धाओं का केंद्र बालानंद मठ

बैरागी परंपरा में यद्यपि अनेक संत योद्धा हुए, लेकिन 18 वीं शताब्दी में स्वामी बालानंद और उनके गुरु विरजानंद का नाम उल्लेखनीय है। इन...

‘अपनी गंध नहीं बेचूंगा’- बालकवि बैरागी

एक संवेदनशील कवि के तौर पर ‘अपनी गंध नहीं बेचूंगा’, ‘गन्ने मेरे भाई’ और ‘दीवट पर दीप’ जैसी कविताओं में उनका लोक जीवन और...

कव‍िता: भार तो केवल श्वासों का है

यहां पढ़िए राकेश धर द्व‍िवेदी की नई कव‍िता।

कविता: डरा हुआ आदमी

यहां पढ़ें संजय स्वतंत्र की नई कविता।

तंगदिल निकले सारे नायक

कोरोना महामारी की नई लहर पहले से ज्यादा मातमी साबित हो रही है। इस दौरान देश में स्वास्थ्य व्यवस्था की ढांचागत कमजोरी तो हर...

ताजमहल से जुड़ी है बैरागी परंपरा

16वीं शताब्दी के आरंभ में अंबेर के कच्छवाह वंश के राजा पृथ्वीराज की पत्नी बालन बाई के सहयोग से रामानंदी संप्रदाय के महान संत...

‘नेटिविस्ट’ विधान को समाप्त कर देना चाहिए

डिप्टी एसोसिएट एडिटर उदित मिश्रा द्वारा संचालित ‘द इंडियन एक्सप्रेस थिंक माइग्रेशन’ शृंखला के दूसरे संस्करण में, पैनलिस्ट ने नेटिविस्ट नीतियों और प्रवासियों को...

किसी के दिल में क्या चलता है, कौन जानता है?

सांत्वना श्रीकांत की दो कविताएं। एक में जहां मुस्‍कुराहट को दर्द छुपाने का जर‍िया बयां करते हुए मर्मस्‍पर्शी पंक्‍त‍ियां ल‍िखी गई हैं, वहीं दूसरी...

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