Tribal communities

गुजरात: पैसे नहीं थे तो आदिवासी ने गांव की सड़क पर ही कर दिया पिता का अंतिम संस्कार, ऊंची जाति के लोगों ने थाने में करा दी FIR

गांव में ऊंची जाति और हलपतियों के बीच दुश्मनी तब हुई जब 45 वर्षीय मोहनकुमारा राठौड़ (किसान मजूदर) की मौत हो गई।

राजनीतिः आशियाना बचाने की लड़ाई

देश में जनजातियों के आर्थिक विकास
पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजाति वित्त विकास निगम की भी स्थापना की गई है। इसके तहत भारी धनराशि का प्रावधान किया जाता है लेकिन हकीकत यह है कि इससे जनजातीय लोगों को वांछित लाभ नहीं मिल पाता। केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों की घोर उपेक्षा के शिकार आदिवासी और वनवासी मुख्यधारा से पूरी तरह कटे हुए हैं। इन्हें देश की मुख्यधारा में शामिल करने की कभी भी सही कोशिशें नहीं की गईं।

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