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विशेष: हड़ताल का ताला, सहयोग की कुंजी

चंपारण सत्याग्रह से लेकर जीवन के आखिरी क्षण तक महात्मा गांधी की चिंता के केंद्र में लगातार देश के किसान रहे हैं। किसानों-मजदूरों की दुर्दशा देखकर ही उन्होंने ‘अंतिम जन’ के साथ न्याय की बात देश-समाज के सामने रखी थी।

JNU प्रोफेसर का दावा- राष्‍ट्रवाद के विरोधी थे टैगोर, जीवित होते तो अपने गीत को नहीं बनने देते National Anthem

प्रोफेसर चक्रवर्ती ने दावा किया कि वह धार्मिक सांप्रदायिक राष्‍ट्रवाद के विरुद्ध थे। उन्‍होंने हमेशा शिक्षा की शक्ति पर बल दिया। एक बार किसी ने उनसे पूछा- आपकी ताकत क्‍या है तो उन्‍होंने जवाब दिया- अस्थिरता।

IND vs AUS 3rd ODI
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