swami vivekananda vikas yatra

विश्व धर्म महासभा को संबोधित करने के बाद क्यों रातभर रोते रहे स्वामी विवेकानंद? पढ़ें पूरा किस्सा

15 जनवरी 1897 को भारत वापस आते हुए वे सबसे पहले श्रीलंका के कोलंबो उतरे थे और वहां हिन्दू समाज ने उनका बड़ा शानदार स्वागत किया था। स्वामी जी युवाओं के बीच इतने प्रसिद्ध हो गए थे कि उनसे मिलने के लिए युवा रेल गाड़ी तक रुकवा देते थे।

विवेकानंद ने की थी ”वन एशिया” की कल्पनाः पीएम मोदी

मोदी ने यहां स्वामी विवेकानंद की एक प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कहा कि स्वामी विवेकानंद ने 100 साल से भी पहले ‘वन एशिया’ की अवधारणा प्रस्तुत की थी, जिस पर आज जोर-शोर से चर्चा हो रही है।

आज का राशिफल
X