Subhas Chandra Bose

सुभाष चंद्र बोस ने ही महात्मा गांधी को सबसे पहले कहा था “राष्ट्रपिता”

Subhash Chandra Bose Jayanti 2019: 1921 में भारत में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों का समाचार पाकर बोस ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली और शीघ्र भारत लौट आए। सिविल सर्विस छोड़ने के बाद वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ जुड़ गए।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती: क्रांतिकारी नेताजी ने देश की आजादी के लिए छोड़ दी थी सिविल सर्विस

Netaji Subhas Chandra Bose Jayanti: नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में उड़ीसा के कटक में हुआ। नेताजी का जन्म बंगाली परिवार में हुआ था। नेताजी के पिता जानकीनाथ कटक के मशहूर वकील थे और उनकी माता का नाम प्रभावती था।

रिसर्च में दावा- अमिताभ, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाल बहादुर शास्त्री एक ही परिवार के सदस्य

शोध के अनुसार ऐसा माना जाता है कि कन्नौज से पांच कुलीन कायस्थ करीब एक हजार साल पहले बंगाल में जाकर बस गए थे।

जानिए कितना पढ़े-लिखे थे हमें आजादी दिलाने वाले गांधी, सुभाष, पटेल, नायडू और भगत सिंह

स्वतंत्र भारत का हरेक व्यक्ति आज इन वीरों और महापुरुषों का ऋणी है जिन्होंने अपना सब कुछ छोड़ सम्पूर्ण जीवन देश की आजादी के लिए समर्पित कर दिया।

केंद्र ने माना- नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु 1945 में विमान दुर्घटना के दौरान हुई

नेताजी की मौत से जुड़े विवाद के बीच सरकार ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का 1945 में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था।

केंद्र सरकार ने लिख कर दिया- 1945 में हवाई हादसे में हो गई थी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत

गृह मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है, “मुखर्जी कमीशन के अनुसार गुमनामी बाबा या भगवानजी नेताजी सुभाषचंद्र बोस नहीं थे।

‘नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत पर अमेरिका को जापान ने दी थी सूचना’

बोसफाइल्स डॉट इंफो ने कहा है कि 1945 में जापान ने अमेरिका को अंतरिम रिपोर्ट के जरिए सूचित किया और वर्ष 1956 में अंतिम रिपोर्ट की प्रस्तावना भारत सरकार को सौंपी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत के रहस्य से उठा पर्दा, जापान ने जारी की 60 साल पुरानी गुप्त रिपोर्ट

नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा एक सरकारी कागजात गुरुवार (1 अगस्त) को जापान की सरकार द्वारा सार्वजनिक किया गया। ये कागजात 60 साल पुराना है।

क्‍या गुमनामी बाबा ही थे नेताजी? बाबा के बक्‍से में मिली नेताजी की फैमिली फोटो, कई पत्र

तस्वीर में नेताजी के माता-पिता जानकीनाथ बोस और प्रभावती बोस और परिवार के लोग दिखाई दे रहे हैं।

Netaji files: अंतिम सफर में 80 किलो सोना लेकर निकले थे नेताजी सुभाष चंद्र बोस

दस्‍तावेजों से यह भी साफ होता है कि 9 जनवरी, 1953 को तत्‍कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू टोक्यो से लौटने के तुरंत बाद दिल्ली में खजाने को देखने गए थे।

ब्रिटिश Website ने किया सुभाष चंद्र बोस की विमान दुर्घटना का खुलासा

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आखिरी दिनों का ब्योरा जारी करने के लिए शुरू की गई एक ब्रिटिश वेबसाइट ने विवरण जारी किए हैं…

विमान हादसे के बाद चीन में नेताजी के दिखने के बारे में ब्रिटिश वेबसाइट ने किया अहम खुलासा

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के आखिरी दिनों से जुड़ी सूचनाओं को संकलित करने के लिए ब्रिटेन में शुरू की गई एक वेबसाइट ने उन दावों को खारिज करने के लिए नए दस्तावेज जारी किए हैं…

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का रहस्य- ‘1980 तक साधू के वेश में भारत में ही रह रहे थे’

नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1950 के दशक से लेकर 1980 के दशक के बीच उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में एक गुमनाम साधु के वेश में रह रहे थे। ब्रिटेन में विमोचित एक किताब में यह दावा किया गया है।

जनवरी 2016 से नेताजी से जुड़ी फाइलों को सार्वजनिक करेगी सरकार: मोदी

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का परिवार बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने उनके सेवन आरसीआऱ स्थित आधिकारिक आवास पहुंचा..

खुलासाः गांधी परिवार ने करवाया था सुभाष चंद्र बोस को गायब!

सुभाष चंद्र बोस के गायब होने को सभी साजिशों की जड़ करार देते हुए आरएसएस के मुखपत्र ‘ऑर्गनाइजर’ ने मोदी सरकार से नेताजी की रहस्यमय मौत के रहस्य से पर्दा उठाने के लिए साहसिक कदम उठाने को कहा है…

‘सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुडे़ रिकॉर्ड्स या तो चूहे खा गए, या वो खो गए’

नेताजी सुभाष चंद्र बोस के रहस्यमय तरीके से लापता होने से संबंधी रिकॉर्ड इसलिए जारी नहीं किए जा रहे, क्योंकि संभवत: वे गुम हो गए, उसे चूहे कुतर गए या वे बिखर गए।

सामने आएगा ‘नेताजी’ का सच, मोदी सरकार ने गठित की समिति

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 70 साल पहले मौत होने या उनके लापता होने से जुड़ी सारी फाइलों को सार्वजनिक किए जाने की संभावना पर गौर करने के लिए सरकार

नेताजी जासूसी मामला: नरेंद्र मोदी ने सहयोग का किया वादा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभानेवाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस के पोते सूर्या बोस से वादा किया है कि वह देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल के दौरान नेताजी पर निगरानी के आरोपों की गंभीरता से जांच करेंगे। जर्मनी में भारत के राजदूत द्वारा मोदी के […]