spiritualism

विचार बोध: राम रमैया घट-घट वासी

कबीर की भाषा और शैली बहुधा प्रत्याख्यान के रूप में सामने आती है तो राम के बारे में बताते हुए भी वे इसी तेवर में दिखते हैं। कबीर कहते हैं, “दसरथ सुत तिहुं लोक बखाना, राम नाम का मरम है आना।” यानी दशरथ के बेटे राम को तो सभी भजते हैं, लेकिन राम नाम का मरम तो कुछ और ही है।

14 साल की उम्र से कथा करने वालीं जया किशोरी ने बताया कैसे बना जाता है कथावाचक

Jaya Kishori on how to Become a Spiritual Orator : अगर किसी क्षेत्र में आगे बढ़ना है तो उसके लिए मेहनत करना बहुत जरूरी है। अगर आप कथावाचक बनना चाहते हैं तो यह जरूरी है कि आप ईश्वर और उनके वचनों-कथाओं से संबंधित पुस्तकें पढ़ें।

जीवन सूत्र: किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार…

नाम था दुखभंजन। कहते थे कि खुदा से उनका साक्षात्कार होता रहता है। स्वभाव से बहुत सीधे सरल, मिलनसार, स्नेही और हमेशा खुशदिल। उनका कहना था कि वे जिस से भी मिलते उसका दुख हर लेते थे। सब लोग उनका बहुत सम्मान करते थे।

योग दर्शन: वैराग्य और मोक्ष

मनुष्य को छोड़कर प्रत्येक जीव को कोई विशेष परिश्रम करने की अधिक आवश्यकता नहीं है जीवन को चलाने के लिए। लेकिन जो मनुष्य बुद्धिबल से मोक्ष प्राप्त कर सकता है उसकी जीविका ऐसी बनाई है कि उसकी सारी खोज में ही उसके सारे गुण तिरोहित हो जाते हैं।

विमर्श : हमारी अध्यात्म परंपरा और वर्तमान दशा

तत्त्व को अलग-अलग दृष्टियों से देखने के कारण तथा भाषिक अभिव्यक्ति के कारण पंथ-भेद हो जाते हैं। इस विश्व में सभी पदार्थों की सत्ता है। सत्ता अणु में भी है और महत् में भी है। ‘सत्ता’ एक भी है और अनेक भी है। ‘सत्ता’ सत् भी है और असत् भी है। ‘सत्ता’ चेतन भी है […]

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