School Education

राजनीति: बुनियादी बदलाव की दरकार

भले कुछ मामलों में गिने-चुने राज्यों के आंकड़े देश के अन्य हिस्सों से बेहतर हैं, पर निचली कक्षाओं में मामूली सुधार को छोड़ दें, तो पूरे देश में शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। ग्रामीण भारत लगातार सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक स्तर पर भयावह पिछड़ेपन से जूझ रहा है।

दुनिया मेरे आगे: अदम्य महत्त्वाकांक्षाओं का बोझ

अंकों की आपाधापी के युग में अंक-आधारित उपलब्धियां मायने रखती हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इन अंकतालिकाओं से हम एक बेहतर और कुशल दक्षता संपन्न युवा समाज को दे पा रहे हैं?

चौपाल: चिंता के मद्देनजर

कोरोना के बढ़ते रफ्तार को देखते हुए परीक्षा नहीं कराने की मांग फिलहाल व्यावहारिक और जायज भी है, लेकिन गंभीर मसला यह है कि परीक्षा न कराने की स्थिति में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पास विकल्प क्या है? बड़े स्तर पर मास प्रमोशन भी विद्यार्थियों के हित में नहीं है।

Delhi Govt Schools Admission: नर्सरी क्लास की मेरिट लिस्ट आज, इन डॉक्युमेंटों की होगी जरूरत;पढ़ें पूरी डिटेल

इन सीटों के लिए 11 जनवरी को प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की योजना थी, लेकिन दिल्ली के चुनावों की तारीखों की घोषणा हो जाने और आदर्श आचार संहिता लागू कर देने से यह घोषणा नहीं की जा सकी।

रिपोर्ट: शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहा देश, यूपी-बिहार में सबसे ज्‍यादा पद खाली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थिति बेहतर

6 राज्यों के पड़ताल में यूपी और बिहार ऐसे राज्य हैं जहां सबसे ज्यादा कुल 4.2 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। हालांकि, इस क्रम में तमिलनाडु और महाराष्ट्र का प्रदर्शन बेहतर है। इन दोनों राज्यों ने अपने यहां तकरीबन 95 फीसदी शिक्षकों की नियुक्ति कर डाली है।

हिंदी भी नहीं पढ़ पाई बच्ची तो शिक्षिका पर भड़के योगी आदित्यनाथ, लगा दी क्लास

श्रावस्ती के सरकारी स्कूल में अचानक निरीक्षण करने पहुंचे योगी आदित्यनाथ पढ़ाई का हाल देखकर शिक्षिका पर भड़क गए।

एक घंटे में स्मृति ईरानी से पूछे गए 2000 सवाल, 31 मई तक आएंगे CBSE रिजल्ट

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को भरोसा दिया कि सीबीएसई के 10वीं और 12वीं कक्षा के परिणाम समय पर निकलेंगे और मई के अंत में जारी होंगे। राज्य बोर्डों द्वारा भी 31 मई तक परिणाम घोषित करने की उम्मीद है।

शिक्षा : भय के साए में पढ़ाई

देश के उच्चतम न्यायालय में भी कुछ वर्षों पूर्व एक जनहित याचिका के माध्यम से असुरक्षित स्कूलों का मामला लाया जा चुका है।

कृषि कानून
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