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Bhabiji Ghar Par Hain: प्रूफ रीडर से लेकर चपरासी तक का सक्सेना ने किया काम, 25 KM पैदल चल बेचने जाते थे किताब

‘सक्सेना’ यानी सानंद वर्मा ने 2010 में अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने ‘मर्दानी’, ‘रेड’ और ‘पटाखा’ जैसी कई फिल्मों में काम किया।

Bhabiji Ghar Par Hain: जबरदस्त कॉमिक टाइमिंग से दिल जीत लेते हैं सक्सेना जी, 50 लाख की नौकरी छोड़ एक्टिंग में आने का किया था फैसला

सानंद का मानना है कि लोगों को हंसाना आसान काम नहीं है। उनके अनुसार देश में उदास चेहरों पर हंसी बिखेरकर उन्हें खुशी और संतोष मिलता है

Bhabiji Ghar Par Hai: सुशांत सिंह की वजह से कर पाया शो, बोले सक्सेना- वह एक फाइटर थे

सानंद ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि सुशांत सुसाइड कर सकते हैं। वह एक फाइटर थे। जो छोटी-सी जगह से बड़े सपने लेकर आए थे।

Bhabiji Ghar Par Hain के ‘सक्सेना’ ने चपरासी से लेकर प्रूफ रीडर तक का किया काम, अब एक एपिसोड की लेते हैं इतनी फीस

सानंद वर्मा ने चपरासी से लेकर प्रूफ रीडर तक का काम किया है और तमाम मुश्किलों के बाद पहचान मिली। ‘भाबीजी घर पर हैं’ उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ है। आइए जानते हैं इनसे जुड़ी कुछ जरूरी बातें-

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सानंद अभिनय में आने से पहले एक कॉरपोरेट हाउस में कंफर्टेबल जॉब कर रहे थे। उन्होंने इस नौकरी में करीब नौ साल लगाए और फिर उन्होंने फैसला किया कि वे एक्टिंग की दुनिया में अपनी किस्मत आज़माएंगे।

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