Samantar

छह गांव का बने समूह

गांव में जिस भी व्यक्ति को यह संक्रमण हो रहा है, वह सामाजिक बहिष्कार या अन्य किसी डर से जांच नहीं करा रहा है।...

ग्राम स्वराज की राह

दो अगस्त, 1942 को महात्मा गांधी हरिजन में लिखते हैं, ‘ग्राम स्वराज की मेरी कल्पना यह है कि वह एक ऐसा पूर्ण प्रजातंत्र होगा...

गांव एक जर्जर शिनाख्त

हर दस में सात हिंदुस्तानी आज भी शहरी नहीं बल्कि ग्रामीण है। देश की यह बड़ी आबादी महामारी जैसी आपदा के बीच किस...

भारत की स्थिति और संयुक्त राष्ट्र की चिंता

संयुक्त राष्ट्र ने खासतौर पर टीकाकरण की धीमी रफ्तार पर चिंता जताते हुए कहा कि टीके की भारी मांग को पूरा करने के लिए...

स्वर-स्वर संघर्ष

देश जब पिछले साल पूर्णबंदी का समाना कर रहा था तो वह एक ऐसा तजुर्बा था, जिसकी इससे पहले कभी कल्पना नहीं की गई...

अनर्थ के बाद अर्थ

‘यंग इंडिया’ में 20 दिसंबर, 1928 को गांधी लिखते हैं, ‘ईश्वर न करे कि भारत भी कभी पश्चिमी देशों के ढंग का औद्योगिक देश...

भय के दौर में अभय

मनुष्य अपनी जिन खूबियों के कारण विशिष्ट है, उनमें करुणा सबसे ऊपर है। अपनी इस संवेदनात्मक खासियत से वह जब-जब दूर हुआ है, उसके...

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