Riots

चौपाल: दंगों का दर्द

दंगों की वजह से समाज दो हिस्सों में बंट जाता है। परस्पर विश्वास खत्म हो जाता है। कहते हैं कि वक्त हर जख्म को भर देता है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता।

Delhi Violence: हिंसा शुरू होने के तीन दिन बाद बोले PM मोदी- शांति हमारे संस्कारों में, भाईचारा बनाए रखें

Delhi Protest Today News: मोदी ने कहा- मैं अपने दिल्ली के भाइयों-बहनों से अपील करता हूं कि वे भाईचारा बनाए रखें

हिंदू शख्स को अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने पीटा, सांप्रदायिक तनाव की चपेट में गुजरात के दो गांव

घटना शनिवार को सामने आई जब 51 साल के लक्ष्मण बाबूभाई ने नौ लोगों पर दंगा करने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया था।

गुजरात दंगों के वक्त मासूम थे ये दोनों बच्चे, पहली बार वोट डालकर बोले- दंगों के किस्से सुनकर हुए बड़े, भूलना चाहते हैं कड़वी यादें

Lok Sabha Election 2019 (लोकसभा चुनाव 2019): साल 2002 में अहमदाबाद में हुए दंगों में बचे दो बच्चों में एक मुस्लिम लड़का और लड़की शामिल थे। आज वह दोनों 18 साल के हो चुके हैं। उनका कहना है कि वो इन दंगों को भूल जाना चाहते हैं।

पेश नहीं हो रहे मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी, कोर्ट ने दी कुर्की की चेतावनी

कोर्ट ने आरोपियों से कहा है कि वे एक महीने के अंदर पेश हों वर्ना उनकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी। बता दें कि 27 अगस्त 2013 को मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में शाहनवाज की हत्या कर दी गई थी।

मथुराः वकील ने किया दावा, मरा नहीं है सत्याग्रह आंदोलन का मुखिया रामवृक्ष यादव

वकील ने दावा किया है कि पुलिस द्वारा बताया गया शव उनके मुवक्किल रामवृक्ष का नहीं था।

1984 दंगों की जांच दिल्ली सरकार को सौंपें मोदीः केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 1984 सिख दंगों की जांच के लिए केंद्र की ओर से गठित एसआइटी पर काम नहीं करने का आरोप लगाया है।

रुड़की में सांप्रदायिक दंगा, 12 जवानों समेत 32 घायल, धारा 144 लागू

भीड़ ने इतना जबरदस्त पथराव किया कि हरिद्वार के जिलाधिकारी, एसएसपी तथा अन्य पुलिस वालों को चौकी के भीतर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

दिल्ली पुलिस को इन इलाकों में काम करने से लगता है डर!

जानिए दिल्ली के सबसे खतरनाक इलाके जहां पुलिस वाले भी जाने से डरते हैं। क्या तरीके हैं जो पुलिस वाले इन इलाकों के शरारती तत्वों से बचने के लिए अपनाते हैं।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए मुस्लिम पुरुषों को बंद रखने की मांग, भड़का दंगा

डच के छोटे शहर में शरार्णाथियों के लिए एक नियोजित केंद्र खोलने के खिलाफ हुए हिसंक प्रदर्शन के दौरान दंगे भड़क गए।

इंसानियत की मिसाल

बिहार में मुजफ्फरपुर के अजीतपुर गांव में कुछ दिनों पहले हुई सांप्रदायिक हिंसा के बीच एक ऐसा उदाहरण भी सामने आया, जो सामाजिक सौहार्द पर मंडराते खतरे के इस दौर में भी इंसानियत पर भरोसे को बचाए रखता है। एक युवक का शव मिलने के बाद भारी भीड़ ने जब अल्पसंख्यक समुदाय की बस्ती पर […]

नफरत की जड़ें

जनसत्ता 18 सितंबर, 2014: सांप्रदायिक ताकतें छोटी-छोटी घटनाओं को हिंसा और सांप्रदायिकता का रंग देने से बाज नहीं आ रही हैं। इस प्रकार की घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जैसे पारंपरिक रूप से शांति रहने वाले और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल पेश करने वाले क्षेत्र को वैमनस्य की आग में झोंक […]

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