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RBI को अच्छे दिनों की उम्मीद, गवर्नर शक्तिकांत दास बोले- बुरा वक्त गुजरा, पॉलिसी रेट में कोई बदलाव नहीं

दिसंबर में समाप्त तिमाही में अर्थव्यवस्था में गिरावट कम होगी और इसके माइनस 5.6 पर्सेंट रहने की उम्मीद है। वहीं वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही में भारतीय जीडीपी की ग्रोथ 0.5 पर्सेंट हो सकती है।

अब सोने पर उठा सकेंगे 90 फीसदी लोन, RBI ने कर्ज पुनर्गठन को दी मंजूरी, कोरोना की वजह से लिया फैसला

केन्द्रीय बैंक ने कहा है कि कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आने से अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। धीमी पड़ी आर्थिक गतिविधियों को देखते हुए केन्द्रीय बैंक ने कंपनियों, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के कर्ज पुनर्गठन की मंजूरी दे दी है।

सोने को गिरवी रखकर लिया जा सकेगा 90 पर्सेंट तक लोन, आरबीआई ने बढ़ाई लिमिट, रेपो रेट में कटौती नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में कोई भी बदलाव न करने का फैसला लिया है। फिलहाल आरबीआई ने रेपो रेट 4 पर्सेंट ही बनाए रखने की बात कही है। इसके अलावा रिवर्स रेपो रेट भी 3.3 पर्सेंट पर ही बना रहेगा।

RBI ने अब इस बैंक से पैसे निकालने और लोन जारी करने पर लगाई रोक, 6 महीने तक रहेगा बैन, एक साल के अंदर तीसरा संकट

आरबीआई ने कहा कि बैंक से अगले आदेश तक किसी भी सेविंग्स अकाउंट, करेंट अकाउंट या अन्य खाते से कोई भी रकम निकाली नहीं जा सकती। आरबीआई के मुताबिक अगले 6 महीने तक ये आदेश लागू रहेंगे, जिनका बीच-बीच में रिव्यू किया जाएगा।

लोन पर ब्याज में नहीं दे सकते छूट, SC में RBI ने कहा, बैंकों की बिगड़ जाएगी सेहत, 2 लाख करोड़ रुपये का होगा नुकसान

Loan EMI Moratorium interest: केंद्रीय बैंक ने कहा कि आरबीआई ने कर्ज के पेमेंट को लेकर राहत देने की कोशिशें की हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि ब्याज में जबरन राहत दी जाए। ऐसा करना बैंकों की आर्थिक स्थिरता और सेहत को दांव पर लगाने जैसा होगा।

लोन की किस्तें चुकाने पर अब अगस्त तक के लिए मिली छूट, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में भी की 40 बेसिस पॉइंट्स की कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी तरह के टर्म लोन पर मोराटोरियम की अवधि तीन महीनों के लिए और बढ़ा दी गई है। अब जून से लेकर अगस्त तक पर्सनल लोन, होम लोन, ऑटो लोन और क्रेडिट कार्ड के बिल आदि पर 3 और महीनों के लिए राहत मिल सकेगी।

रिवर्स रेपो रेट में रिजर्व बैंक ने की कटौती, जानें- क्या है इसकी परिभाषा और जनता पर पड़ेगा इसका क्या असर

बैंकों के पास जब दिन-भर के कामकाज के बाद रकम बची रह जाती है तो उस रकम को भारतीय रिजर्व बैंक में रख देते हैं। इस जमा पर आरबीआई की ओर से उन्हें ब्याज अदा किया जाता है, जिसे रिवर्स रेपो रेट कहा जाता है।

रिजर्व बैंक ने की रिवर्स रेपो रेट में कटौती, नकदी संकट दूर करने के लिए जारी किए जाएंगे 50,000 करोड़ रुपये

रिवर्स रेपो रेट को 4 पर्सेंट से घटाकर 3.75 फीसदी करने का फैसला लिया गया है। इससे बैंकों के लिए कर्ज को और सस्ती दरों पर देने का अवसर होगा। इसके अलावा केंद्रीय बैंक की ओर से 50,000 करोड़ रुपये की रकम नाबार्ड, सिडबी और नेशनल हाउसिंग बैंक को देने का फैसला लिया गया है।

Reserve Bank of India ने नहीं घटाईं ब्याज दरें, जानें- क्या कहते हैं गवर्नर शक्तिकांत दास

Reserve Bank of India Monetary Policy: आरबीआई ने एक तरफ महंगाई का हवाला देते हुए नीतिगत दरों में कमी नहीं की है तो दूसरी तरफ वित्त वर्ष 2021 में 6 पर्सेंट जीडीपी रहने का अनुमान जताया है।

Asia Pacific central banker of the year: जानें, मंदी के इस दौर में भी आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास को क्यों मिला सेंट्रल बैंक ऑफ द ईयर का पुरस्कार

central banker of the year: बैंकर मैगजीन ने शक्तिकांत दास को सेंट्रल बैंक ऑफ द ईयर (एशिया-पेसेफिक, 2020) का खिताब दिए जाने की घोषणा करते हुए कहा है कि उन्होंने भारत के बैंकिंग सिस्टम को एनपीए और फ्रॉड के संकट से बाहर लाने के लिए जरूरी कदम उठाए हैं।

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