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जब टाटा ने ऑटोमोबाइल सेक्टर के दोस्तों को गलत साबित कर दिया था, बनाई थी भारत की यह पहली स्वदेशी कार; जानें पूरा वाकया

रतन टाटा ने आगे कहा था कि ‘जब हम इसे बाजार में उतारने के बिल्कुल करीब थे तब भारत में मेरे कुछ दोस्तों ने मुझसे दूरी बना ली शायद वो लोग किसी नाकाम शख्स से दूर रहना चाहते थे।’

टीसीएस के पहले सीईओ थे फकीर चंद कोहली, जानें- कैसे भारत को आईटी हब बनाने में की थी मदद

रतन टाटा ने कहा कि तकनीकी से जुड़े तमाम सेक्टर्स में कोहली का योगदान अद्भुत था। उन्हें भारत की सफल आईटी इंडस्ट्री के फादर के तौर पर याद किया जाएगा। भारत में आईबीएस की एंट्री में भी कोहली का अहम योगदान माना जाता है।

12 साल पहले की तबाही नहीं भूल सकते लेकिन आने वालों सालों में चमकते रहने की उम्मीद, मुंबई हमले की बरसी पर रतन टाटा ने किया ट्वीट

इस आत्‍मघाती हमले में सबसे ज्यादा नुकसान प्रसिद्ध ताज होटल को हुआ था। इस हमले की बरसी पर ताज होटल के मालिक और टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा ने ट्वीट कर एक भावुक मैसेज शेयर किया है।

ट्विटर पर फिर ट्रेंड #BoycottTanishq, दिवाली पर पटाखों से बचने की अपील पर ट्रोल हुआ टाटा का ज्वैलरी ब्रांड

कर्नाटक बीजेपी के नेता और हाल ही में राष्ट्रीय महासचिव बने सीटी रवि ने भी इस ऐड के खिलाफ ट्वीट किया है। #BoycottTanishq के साथ ट्वीट करते हुए सीटी रवि ने लिखा, ‘आखिर किसी को हिंदुओं को सलाह क्यों देनी चाहिए कि हम अपने त्योहार कैसे मनाएं?’

रतन टाटा को है कुत्तों से खास लगाव, ग्रुप के ग्लोबल हेडक्वार्टर में बनवा रखा है लग्जरी सुविधाओं वाला स्पेशल घर

रतन टाटा ने कुत्तों के लिए जो घर बनाया है, उसमें उनके लिए खिलौने, खाने के लिए डॉग बिस्किट और ताज होटल के किचन से आने वाले मीट की व्यवस्था भी की जाती है।

…जब IBM ऑफिस में बिना रिज्यूमे जॉब के लिए पहुंच गए थे रतन टाटा, जानिए पहली नौकरी में क्या काम करते थे टाटा

आपको जानकर हैरानी होगी कि जब उनको पहली नौकरी का ऑफर मिला था तो रतन टाटा के पास रेज्यूमे ही नहीं था। उन्होंने बताया, ‘भारत आने के बाद मुझे IBM से ऑफर मिला। मैं वहां पहुंचा तो उन्होंने मेरा रेज्यूमे मांगा लेकिन मेरे पास नहीं था। उनके ऑफिस में इलेक्ट्रॉनिक टाइपराइटर था। मैं वहीं पर बैठ गया और तुरंत अपना रेज्यूमे बनाकर उनको सौंपा।’

TATA Group के रतन टाटा कभी बनना चाहते थे इंजीनियर, स्कूली दिनों में बन गए थे कुछ हद तक ‘अमेरिकी’

रतन टाटा ने अपने एक इंस्टा पोस्ट में बताया था कि वह स्कूल के समय में इंजिनियर बनना चाहते थे। उनकी ईयरबुक में यह भी लिखा था कि मात्र डेढ़ साल में ही रतन टाटा एकदम अमेरिका बन गए थे। वह दोस्ती करने में बहुत ही माहिर थे।

10 साल की उम्र में मां-बाप के प्यार से महरूम रह गए थे रतन टाटा, दादी के पास गुजारा काफी वक्त, उन्हीं की सिखाई बातों पर बढ़ रहे आज

रतन टाटा ने बताया कि वो दादी नवाजबाई टाटा के काफी करीब रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो आज भी अपनी दादी की सिखाई बातों पर आगे बढ़ रहे हैं।

…जब Ford के अफसरों ने दिखाया था रतन टाटा को रौब, कहा था- कार के बारे में पता नहीं, तो क्यों कर रहे कारोबार? यूं लिया था अपमान का बदला

फोर्ड के अधिकारियों ने रतन टाटा से कहा कि ‘आप कुछ नहीं जानते फिर आपने कार बनाना शुरू ही क्यों किया था?’ फोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि ‘वो हमारी कार डिवीजन को खरीदकर हम पर एहसान कर रहे हैं।’

जवानी में ऐसे दिखते थे TATA Group के मालिक रतन टाटा, 4 बार हुआ था प्यार, पर हर बार रहे थे रिश्ता पक्का करने में ‘नाकाम’

रतन टाटा ने बताया था कि जब वह अमेरिका में रहकर काम करते थे, तब उन्हें एक अमेरिकी लड़की से प्यार हुआ था। दोनों ने शादी करने का भी फैसला कर लिया था।

तनिष्क के हिंदू-मुस्लिम ऐड हटाने के बाद ट्विटर पर ट्रेंड हुए रतन टाटा, दिग्विजय सिंह और चेतन भगत ने भी उठाया सवाल

चेतन भगत ने भी इस मसले पर ट्वीट करते हुए कहा, ‘टाटा ग्रुप की कंपन होने के चलते तनिष्क से बहादुरी और सही पक्ष रखने की अपेक्षा थी। यदि आपने कुछ भी गलत नहीं किया गया है और आपने देश के बारे में कुछ अच्छा दिखाने का प्रयास किया है तो कमजोर न पड़ें।

ऊपर आसमान, नीचे समुंदर…और बीच सफर में जब बंद हो गया था रतन टाटा का विमान, फिर कैसे बची थी जान? जानें किस्सा

इस घटना का खुलासा उन्होंने किसी चैनल के लिए बनने वाले अपने प्रोमोशनल वीडियो में किया, जो 27 सितंबर को प्रसारित होगा। इस वीडियो में रतन टाटा बताते हैं कि, कैसे उनके प्लेन का इंजन अचानक से कम करना बंद कर गया और किस तरह उन्होंने प्लेन को क्रैश होने से बचाया और खुद को मौत के मुंह से निकाला।

100 साल पहले दो करोड़ रुपये के कर्ज के चलते शापूरजी पलोनजी ग्रुप को टाटा संस में मिली थी एंट्री, दिलचस्प है कहानी

पेशे से वकील और बड़े जमींदार दिनशॉ ने टाटा ग्रुप को 2 करोड़ रुपये का कर्ज उस दौर में दिया था। इसके एवज में ही उन्हें 12.5 फीसदी की हिस्सेदारी मिल गई थी। दिनशॉ के निधन के बाद उनके परिवार के सदस्यों ने यह हिस्सेदारी 1936 में शापूरजी पलोनजी को बेच दी थी।

पूर्व कर्मचारी के सम्मान में रतन टाटा ने रखा था टाटा मोटर्स की इस कार का नाम, जमकर बिकी थी गाड़ी

रतन टाटा को ऑटो सेक्टर में भी प्रयोग के लिए जाना जाता रहा है। उन्होंने 2008 में आम लोगों तक कार पहुंचाने के मकसद से टाटा नैनो की लॉन्चिंग की थी। हालांकि उनका यह प्रयास सफल नहीं हुआ था।

जेआरडी टाटा ने चीन से जंग में की थी सेना को ट्रक देने की पेशकश, कल्पना चावला भी थीं प्रभावित

1962 में चीन से जंग के दौरान जेआरडी टाटा ने 30 लाख रुपये की रकम प्रधानमंत्री राष्ट्रीय रक्षा कोष में जमा कराई थी। उस दौर में यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी। यही नहीं उन्होंने मिलिट्री ट्रक की पेशकश भी की थी

कोरोना काल में छंटनी ने दिखाई भारत के कॉरपोरेट जगत की बेदर्दी, सिर्फ मुनाफे के लिए नहीं होता बिजनेस: रतन टाटा

Ratan Tata on coronavirus crisis: रतन टाटा ने कहा कि जब हर कोई मुनाफे की दौड़ में है तो यह सवाल भी उठता है कि आप अपनी यात्रा मूल्यों को कितना साथ लेकर चले। बिजनेस सिर्फ पैसे बनाने के लिए नहीं होता।

1962 में भारत-चीन युद्ध की वजह से अटकी थी रतन टाटा की शादी, अब तक हैं अविवाहित, जानें- पूरा किस्सा

Ratan Tata relationship: रतन टाटा ने बताया था कि वह उस दौर में अमेरिका के लॉस एंजिल्स में थे और एक चीनी युवती के साथ रिलेशनशिप में थे। दोनों शादी का मन बना चुके थे, लेकिन ऐसा हो न सका।

रतन टाटा बोले, कोरोना के संकट में अवसर भी छिपे हैं, नई तकनीक और नए आविष्कारों का है समय

उन्होंने लिखा, ‘मैं उम्मीद करता हूं कि कोरोना के इस संकट में किसी उत्पाद को तैयार करने के नए विकल्प सामने आएंगे। कंपनियों से संचालन के नए तरीके पैदा होंगे। यह इस संकट के चलते होगा।’

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