Raghuram Rajan

सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने से कम होगा कर्ज, RBI के पूर्व गवर्नर ने मोदी सरकार को दी सलाह

रघुराम राजन ने कहा कि भारतीय इक्विटी बाजारों के उच्चतम स्तर पर होने का लाभ उठाते हुए PSU में हिस्सेदारी बेचना चाहिए।

देश की GDP पस्तः ‘और खराब हो सकते हैं आर्थिक हालात’, चेता बोले पूर्व RBI गवर्नर- राहत पैकेज बढ़ाए सरकार

पूर्व गवर्नर ने कहा कि अब तक सरकार ने जो राहत पैकेज दिया है, नाकाफी है, इसे बढ़ाने की जरुरत है।

नौकरियां बचानी हैं तो तुरंत खोलनी चाहिए अर्थव्यवस्था, हम लंबे समय तक गरीबों की मदद नहीं कर सकते: रघुराम राजन

रघुराम राजन की यह टिप्पणी उस वक्त आई है, जब लॉकडाउन के चलते देश में लाखों मजदूरों को पलायन करना पड़ा है। देश में करोड़ों लोगों के सामने आजीविका का संकट पैदा हो गया है।

मोदी सरकार पर फिर हमलावर हुए RBI के पूर्व गवर्नर, बोले- मौजूदा सरकार सिर्फ राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों को देती है हवा

रघुराम राजन ने कहा- सरकार आर्थिक मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही, सबसे पहले वित्तीय क्षेत्र की समस्याएं दूर होनी चाहिए

शिवसेना ने कहा- इकोनॉमी के बेहतरीन डॉक्टर हैं रघुराम राजन उनका इलाज ही दूर करेगा बीमारी, सामना में लेख के जरिये मोदी सरकार पर साधा निशाना

संपादकीय में कहा गया कि ‘मैं प्याज-लहसुन नहीं खाती इसलिए प्याज के बारे में मुझे मत पूछो’, ऐसा बचकाना जवाब देने वाली वित्तमंत्री इस देश को मिली हैं तथा प्रधानमंत्री को इसमें सुधार करने की इच्छा दिखाई नहीं देती।

हिन्दू राष्ट्रवाद से थम जाएगी इकनॉमिक ग्रोथ, रघुराम राजन बोले- धार्मिक महापुरुषों की मूर्तियों से बेहतर मॉडर्न स्कूल, यूनिवर्सिटी बनाएं

रघुराम राजन ने कहा कि इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था में सभी शक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय के अधीन केन्द्रित हैं और सभी मंत्री अधिकार विहीन हैं।

RBI के पूर्व गवर्नर की सलाह- 10 मुद्दों पर फोकस कर लाई जा सकती है अर्थव्यवस्था में तेजी, जानें, रघुराम राजन का प्लान

पूर्व गवर्नर का दावा है कि उन्होंने जो प्लान तैयार किया है अगर मोदी सरकार इसे लागू करे तो अर्थव्यवस्था में तेजी लाई जा सकती है।

पूर्व RBI गवर्नर बोले- सत्ता के केंद्रीकरण और इकनॉमिक विजन की कमी से भारतीय अर्थव्यवस्था हो रही खस्ता

राजन ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति खराब है। अर्थव्यवस्था गंभीर संकट की तरफ बढ़ रही है।

किसकी ओर इशारा कर रहे पूर्व RBI गवर्नर? बोले- आलोचनाओं को दबाना नीतिगत गलतियों का बनती हैं कारण

राजन ने कहा कि निरंतर आलोचना नीति को समय-समय पर सुधार की अनुमति देती है और सार्वजनिक आलोचना वास्तव में सरकारी नौकरशाहों को अपने राजनीतिक आकाओं को सच बोलने के लिए जगह देती है।

RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन बोले- राजनीति में गया तो बीवी छोड़ देगी मुझे

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन का राजनीति में आने का या खुद अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने का कोई इरादा नहीं है।

रघुराम राजन ने उठाया सवाल- बिना रोजगार सृजन 7 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि दर कैसे?

रघुराम राजन ने कहा कि मैं नरेंद्र मोदी सरकार में एक मंत्री को जानता हूं जिन्होंने कहा था कि नौकरियां नहीं हैं तो हम कैसे सात प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर रहे हैं।

रघुराम राजन की रिपोर्ट को मोदी सरकार के खिलाफ हथियार बनाएगी कांग्रेस, करेगी यह वादा

राजन ने कांग्रेस के लिए विशेष रूप से यह रिपोर्ट बनाई है। वे कांग्रेस की सदस्‍यता ग्रहण करेंगे या नहीं, इसे लेकर पार्टी अब कुछ खुलकर नहीं बोल रही है। राजन के कार्यकाल के दौरान ही मोदी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया था, जिसकी कई अर्थशास्‍त्री आलोचना कर चुके हैं।

रघुराम राजन बोले- भारत में तैयार नहीं हो रहे नए रोजगार, 90 हजार रेलवे पदों के लिए ढाई करोड़ करते हैं आवेदन

रघुराम राजन ने मार्च, 2018 में भी कहा था कि भारत को अगले 20 साल के बारे में सोचकर काम करना चाहिए। 7.5 फीसदी का ग्रोथ रोजगार सृजन के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए कम से कम भारत को 10 फीसदी का ग्रोथ रेट चाहिए।

पूर्व RBI गवर्नर रघुराम राजन के शिष्य कृष्णमूर्ति होंगे देश के नए प्रमुख आर्थिक सलाहकार

इंडियन बिजनस स्कूल (आईबीएस), हैदराबाद में पढ़ाने वाले कृष्णमूर्ति की पहचान आर्थशात्री की तो नहीं है, लेकिन वित्त और बैंकिंग के क्षेत्र में उन्हें काफी विशेषज्ञता हासिल है। वह खुद को रघुराम राजन का शिष्य बताते हैं और उनके बड़े प्रशंसकों में से एक हैं।

नोटबंदी और जीएसटी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को पीछे धकेला, RBI के पूर्व गवर्नर बोले- 7% ग्रोथ नाकाफी!

2017 में जो हुआ वह यह है कि जैसे ही दुनिया ऊपर उठी, भारत नीचे चला गया। यह इस तथ्य को दर्शाता है कि यह चोट (नोटबंदी और जीएसटी) वास्तव में बहुत गंभीर चोट हैं। इन विपरीत परिस्थितियों के कारण हम पीछे आ गए हैं।

एनपीए फ्रॉड: ससंदीय समिति ने पीएमओ से मांगी वह लिस्‍ट, जो रघुराम राजन ने भेजी थी

भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी की अध्यक्षता वाली एक समिति ने पीएमओ को नोटिस जारी कर बड़े एनपीए फ्राड वाले उन लोगों की लिस्ट मांगी है, जिसे रघुराम राजन ने भेजी थी।

नीति आयोग के उपाध्‍यक्ष बोले- रघुराम राजन की नीतियों के चलते गिर रही थी अर्थव्‍यवस्‍था

कुमार के मुताबिक, “बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) के कारण अर्थव्यवस्था गिर रही थी। यह सरकार जब सत्ता में आई, तब यह आंकड़ा चार लाख करोड़ रुपए के आसपास था। यह 2017 के मध्य में बढ़कर साढ़े 10 लाख करोड़ रुपए हो गई।”

रुपये की गिरती कीमतों पर क्यों चिंतित नहीं हैं आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन

राजन ने कहा कि रुपया कुछ समय के लिए असली शर्तों में मजबूत रहा है, जबकि मुद्रास्फीति दर मामूली रही है, लेकिन विश्व मुद्रास्फीति दर से ऊपर है। नतीजतन रुपये के साथ मामूली कमजोर पड़ने की जरूरत है। इससे हालात बेहतर होंगे।

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