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राजनीति: निजीकरण नहीं है मर्ज की दवा

यह सवाल का उठना लाजिमी है कि अगर निजी बैंक कुशल हैं तो क्यों डूब गए या फिर क्यों सरकारी बैंकों में उनका विलय कर दिया गया? सवाल यह भी है कि अधिकांश उद्योगपति क्यों सरकारी बैंकों से कर्ज लेना पसंद करते हैं? क्यों निजी बैंक, ढांचागत परियोजनाओं को कर्ज देने से क्यों गुरेज करते हैं और ऐसा करने के लिए सरकारी बैंकों पर क्यों दबाव डाला जाता है?

Merger of banks: पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, ओरिएंटल बैंक समेत इन 10 को हो रहा विलय, जानिए- ग्राहकों के लिए क्या बदल जाएगा

Merger of 10 Banks in 4 PSB’s: पंजाब नेशनल बैंक के साथ यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का विलय होगा। कुल 10 बैंक विलय के बाद 4 बड़े बैंकों में तब्दील हो जाएंगे। विलय के बाद ग्राहकों के लिए बहुत सी चीजें बदली हुई नजर आएंगी।

मिनिमम बैलेंस न होने पर पेनाल्‍टी, साढ़े तीन साल में सरकारी बैंकों ने आपसे वसूले 10 हजार करोड़

मंगलवार को लोकसभा सांसद दिब्येन्दू अधिकारी ने संसद में इस संबंध में सवाल किया था। जिसका जवाब देते हुए वित्त मंत्रालय ने ये आंकड़े पेश किए हैं।

बीती तिमाही में तीन गुना बढ़ गया सरकारी बैंकों का घाटा, 14,716 करोड़ रुपये का नुकसान

घोटाले की मार झेल रहे पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को सितंबर तिमाही में सबसे ज्यादा घाटा हुआ है। पीएनबी को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 4,532.35 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।

कॉस्‍ट कटिंग: विदेशों में अपनी एक-तिहाई शाखाएं बंद करने जा रहे सरकारी बैंक

बैंक अधिकारियों का कहना है कि “पूंजी बचाने के लिए विदेशों की 37 शाखाएं अभी तक बंद की जा चुकी हैं और इस साल के अंत तक 60-70 अन्य शाखाओं को भी बंद कर दिया जाएगा।

घोटालों से त्रस्त 6 सरकारी बैंकों को बचाने के लिए आगे आई मोदी सरकार! 8000 करोड़ रुपये की मदद देने की तैयारी

हाल ही में 11 बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तत्काल सुधारात्मक कारवाई (PCA (Prompt corrective action)) के ढांचे के अन्तर्गत लाया गया है। जिसमें उन्हें 523 बिलियन का पूंजी निवेश मुहैय्या कराया गया था। अब सरकारी बैंकों को सरकार के ताजा पूंजी निवेश से भी काफी फायदा मिलेगा।

SBI ने होम लोन पर घटाई ब्याज दर

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने अपने होम लोन की ब्याज दर को घटाकर 9.45 प्रतिशत कर दिया है।

NPA पर नियंत्रण करने में RBI बैंक नाकाम, कर्ज बसूल कर पाना बैंकिंग व्यवस्था के लिए खतरा

संसद की एक समिति ने रिजर्व बैंक और बैंकों की ओर से गैरनिष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) से निपटने के तरीके को लेकर नाखुशी जताई और कहा कि एनपीए का बढ़ना इस मामले से निपटने की प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।

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